राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कुछ दिन पूर्व गौरीनगर इलाके में गोवंश के कटे हुए अवशेष मिलने की सनसनीखेज घटना के बाद उपजे भारी आक्रोश के मामले में प्रशासन ने एक कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। इस गंभीर अपराध की तह तक पहुंचकर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के बाद उन्हें शिकंजे में ले लिया था, और अब जिला प्रशासन तथा नगर निगम ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त बुलडोजर कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरीनगर में हुई इस निंदनीय घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कानूनी शिकंजा कसा है। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ आरोपियों के ठिकानों पर पहुंची और वहां किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण के हिस्से को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
हिंदू संगठनों के विरोध और ज्ञापन के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई
घटना के सामने आने के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया था। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था तथा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के विरुद्ध राजकोषीय व आपराधिक मामलों में कठोरतम कार्रवाई करने के साथ-साथ उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को भांपते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पैनी नजर बनाए हुए थे। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस तरह के अपराधों और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त रुख जारी रहेगा।

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