October 22, 2026

सिंगापुर में MP के पर्यटन का प्रचार, VR से विरासत-वन्यजीवों की झलक; गजक-सेव भी चर्चा में

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया के वैश्विक पर्यटन बाजार में राज्य की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सिंगापुर में आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले 'ITB Asia 2026' में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने अपनी ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध वन्यजीव अभयारण्यों, आध्यात्मिक स्थलों और वेलनेस टूरिज्म की अनूठी विशेषताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। इस वैश्विक आयोजन में विदेशी पर्यटकों को वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के माध्यम से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का वर्चुअल भ्रमण कराया जा रहा है, साथ ही मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों जैसे मुरैना की गजक और रतलामी सेव के जरिए यहां की स्थानीय संस्कृति और स्वाद से भी वैश्विक मेहमानों का परिचय कराया जा रहा है।

मरीना बे सैंड्स में मध्य प्रदेश पवेलियन का भव्य शुभारंभ

सिंगापुर के प्रसिद्ध मरीना बे सैंड्स स्थित सैंड्स एक्सपो एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस भव्य मेले में मध्य प्रदेश पवेलियन का उद्घाटन भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पका अंबुले द्वारा किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के पर्यटन सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. सहित पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस पवेलियन में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक विविधता और सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) की अवधारणा को इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि वह विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर सके।

अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के साथ व्यावसायिक बैठकें और निवेशकों से चर्चा

इस तीन दिवसीय वैश्विक पर्यटन आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल प्रदेश के आकर्षक स्थलों का प्रदर्शन करना ही नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करना भी है। पर्यटन बोर्ड की पूरी टीम सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और वैश्विक निवेशकों के साथ लगातार बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें कर रही है। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा पैकेजों में प्रमुखता से शामिल कराना है, जिससे विदेशी पर्यटकों की सीधी आवाजाही को बढ़ावा मिल सके और राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश के द्वार खुल सकें।