November 4, 2026

धौला कुआं से बॉर्डर तक लगा लंबा जाम, दिवाली से पहले बिगड़े हालात

नई दिल्ली। दीपावली के पावन पर्व से पूर्व बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ रही ग्राहकों की भीड़ का सीधा प्रभाव अब दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था पर नजर आने लगा है। राजधानी के अनेक क्षेत्रों में मंगलवार को भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिसके कारण सड़कों पर गाड़ियों का लंबा काफिला लग गया और आम जनमानस को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। प्रमुख मार्ग धौला कुआं क्षेत्र में भी देर रात तक वाहनों की गति पूरी तरह थमी रही।

धौला कुआं क्षेत्र में थमी वाहनों की रफ्तार

मंगलवार देर रात्रि के दृश्यों में धौला कुआं के आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। त्यौहारी सीजन में खरीदारी के उद्देश्य से अचानक बढ़ी भीड़ को इस यातायात जाम का मुख्य कारण माना जा रहा है।

प्रदूषण जांच अभियानों से सीमाओं पर लगा जाम

इससे पूर्व 2 नवंबर को भी दिल्ली तथा समीपवर्ती क्षेत्रों में यात्रियों को गंभीर यातायात जाम से जूझना पड़ा था। दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशानिर्देशों के तहत बढ़ाई गई सख्ती के चलते दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा एवं दिल्ली-गाजियाबाद सीमाओं पर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन द्वारा रविवार से सोमवार दोपहर तक कुल 7,657 गाड़ियों की सघन चेकिंग की गई, जिसमें से प्रदूषण मानकों पर खरी न उतरने वाली 609 गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश देने से रोकते हुए वापस भेज दिया गया।

ग्रेप नियमों के उल्लंघन पर सैंकड़ों वाहनों के चालान

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, ग्रेप नियमों के क्रियान्वयन के लिए 31 अक्टूबर की मध्य रात्रि से 2 नवंबर की दोपहर तक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अवधि में प्रवेश निषेध नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 433 चालान जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 76 व्यावसायिक वाहनों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, जिनमें से 10 वाहन दिल्ली के तथा 66 वाहन अन्य राज्यों के पंजीकृत हैं। अन्य राज्यों की गाड़ियों पर कार्रवाई हेतु संबंधित परिवहन प्राधिकरणों को पत्र प्रेषित किया गया है।

त्यौहारी सीजन और कड़े नियमों से बढ़ा सड़कों पर दबाव

एक तरफ जहां त्यौहार के कारण प्रमुख मार्गों एवं व्यावसायिक केंद्रों पर गाड़ियों की तादाद में काफी इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों पर जारी जांच प्रक्रिया से यातायात की गति धीमी पड़ गई है। इसके परिणामस्वरूप दिल्ली-एनसीआर के मुख्य मार्गों पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।