गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे केवल प्रतीकात्मक या मॉक संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जबकि वास्तविक संसद में नरेंद्र मोदी ही देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव पर सरमा का कटाक्ष
विपक्षी गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पारित किए गए सांकेतिक महाभियोग प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने के अनेक प्रयास किए, परंतु वे सभी विफल रहे। इसके पश्चात मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक मॉक संसद का आयोजन किया गया, जहां राहुल गांधी को प्रतीकात्मक रूप से प्रधानमंत्री बनाया गया। मुख्यमंत्री का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और उसमें कथित गड़बड़ियों को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। उल्लेखनीय है कि विपक्षी गठबंधन ने दिल्ली में मॉक संसद का आयोजन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था, जिसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा की गई थी।
असम में आई विनाशकारी बाढ़ के कारणों की सीबीआई जांच की मांग
राज्य सरकार ने इस वर्ष के आरंभ में शिवसागर और चराइदेव जनपदों में आई भीषण बाढ़ के वास्तविक कारणों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से अनुरोध करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य प्रशासन अगले दस दिनों के भीतर केंद्र सरकार को इस संबंध में औपचारिक पत्र प्रेषित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के अधीन होगा, किंतु राज्य सरकार चाहती है कि बाढ़ की तबाही का सही कारण जनता के सामने आए। ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व दिखौ नदी के जलस्तर में वृद्धि से पूर्वी असम के चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में भारी तबाही हुई थी।

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