August 18, 2026

आठ घंटे चली वार्ता, फिर भी नहीं बनी बात; छाताबाद मुद्दे पर कांग्रेस का रुख कायम

धनबाद। कोयलांचल क्षेत्र के भू-धंसान प्रभावित इलाकों में पुनर्वास की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। प्रभावित छाताबाद क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियों में काफी तेजी देखी जा रही है। इस सिलसिले में प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।

पुनर्वास की मांग को लेकर नेताओं की सक्रियता

क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जन प्रतिनिधियों ने बीसीसीएल प्रबंधन से प्रभावित परिवारों के जल्द पुनर्वास की मांग की है। जनप्रतिनिधियों के इस रुख से स्थानीय स्तर पर पुनर्वास का मुद्दा गरमा गया है और शासन-प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

सक्रियता पर उठ रहे हैं राजनीतिक सवाल

एक विशेष क्षेत्र पर दिखाई जा रही अत्यधिक सक्रियता को लेकर अब सवाल भी खड़े होने लगे हैं। आलोचकों और स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि झरिया कोयलांचल के अन्य भू-धंसान प्रभावित इलाकों और राजपूत बस्ती जैसे क्षेत्रों के पुनर्वास के मुद्दे पर वैसी ही तत्परता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। इस असमान रवैये के पीछे की मंशा और रणनीतिक कारणों को लेकर बहस छिड़ गई है।