November 7, 2026

रावण के किरदार में यश और आवाज देंगे शरद केलकर, डबिंग की चुनौतियों का किया खुलासा

मुंबई। फिल्म निर्माता नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित और भव्य फिल्म 'रामायण' को लेकर इन दिनों चारों तरफ चर्चाएं हो रही हैं। इस फिल्म में साउथ के सुपरस्टार यश द्वारा निभाए गए 'रावण' के किरदार को लेकर एक दिलचस्प खुलासा सामने आया है। बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि इस मेगा बजट फिल्म के हिंदी वर्जन में अभिनेता यश के शक्तिशाली किरदार को अपनी आवाज जाने-माने अभिनेता शरद केलकर ने दी है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता शरद केलकर ने इस फिल्म के लिए अपनी डबिंग के पूरे अनुभव को मीडिया के सामने खुलकर साझा किया है।

नितेश तिवारी के साथ काम करने की इच्छा और डबिंग का ऑफर

शरद केलकर ने अपने इस अनुभव के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी कोर टीम ने यह सामूहिक निर्णय लिया था कि फिल्म के हिंदी संस्करण में यश के किरदार के लिए उनकी आवाज सबसे उपयुक्त रहेगी। उन्होंने बताया कि प्राइम फोकस के नीरज सांघवी उनके अच्छे मित्र हैं। पिछले साल जब वे रवि दुबे के आवास पर निर्देशक नितेश तिवारी से मिले थे, तब उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा था कि वे उनके साथ किसी प्रोजेक्ट में काम करना चाहते हैं। उस वक्त नितेश अपनी इस महत्वाकांक्षी फिल्म की शूटिंग की तैयारियों में पूरी तरह व्यस्त थे। समय बीतने के बाद आखिरकार यह सुनहरा अवसर उनके सामने आया और उन्हें इस महाकाव्य का हिस्सा बनने का मौका मिल गया।

यश की अदायगी और डबिंग के दौरान आई चुनौतियां

यश के अभिनय की प्रशंसा करते हुए शरद केलकर ने कहा कि उन्होंने इस किरदार को पर्दे पर उतारने के लिए बेहद शानदार काम किया है और इस भूमिका के लिए उनसे बेहतर अभिनेता कोई दूसरा नहीं हो सकता था। हालांकि, उनके लिए यश के अभिनय के अनुसार डबिंग करना बिल्कुल भी आसान काम नहीं था। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को एक बेहद दिलचस्प अनुभव बताया। शरद ने स्पष्ट किया कि यश वैसे तो हिंदी अच्छी तरह बोल लेते हैं, लेकिन उनकी मातृभाषा कन्नड़ होने के कारण हिंदी शब्दों के उच्चारण और वाक्य बोलने की उनकी लय में थोड़ा अंतर आ जाता है। टीम की मांग थी कि हिंदी भाषी दर्शकों के लिए इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके बावजूद कन्नड़ में यश ने अपने हिस्से के अभिनय में अद्भुत काम किया है और उनकी प्राकृतिक आवाज भी बहुत दमदार है।

यश के साथ लंबी चर्चाएं और संवाद का तालमेल

डबिंग के उस दौर को याद करते हुए शरद ने बताया कि यश के साथ काम करने का उनका अनुभव बेहद सुखद रहा। काम के दौरान यश ने कई रचनात्मक सुझाव भी दिए और कुछ विशेष दृश्यों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए उनके साथ लंबी बातचीत की। शरद के मुताबिक यश स्वभाव से बेहद विनम्र और अच्छे इंसान हैं। वे हर दृश्य में अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश करते थे और अक्सर उनसे पूछते थे कि क्या इन सीन्स को और बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। हम दोनों और पूरी टीम के बीच डबिंग स्टूडियो में एक बेहतरीन आपसी तालमेल देखने को मिला।

शरद केलकर के पसंदीदा दृश्य और रावण के किरदार की गहराई

इस डबिंग अनुभव को अपने करियर के सबसे थकाने वाले अनुभवों में से एक बताते हुए शरद ने कहा कि वे इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि परदे पर इस किरदार को जीवंत करने के लिए यश ने कितनी कठिन मेहनत की होगी। यह उनके करियर की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक है, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है। नितेश तिवारी द्वारा गढ़े गए कुछ दृश्य शरद को व्यक्तिगत रूप से बहुत पसंद आए, जिनमें भगवान ब्रह्मा से वरदान मांगने वाला शुरुआती प्रसंग, दस सिरों वाला विशिष्ट दृश्य और विद्युतजिह्वा से जुड़ा प्रसंग शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रावण कोई साधारण पात्र नहीं था, बल्कि वह अत्यधिक बुद्धिमान, प्रकांड विद्वान और हर विधा का ज्ञाता था। डबिंग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि वह कहीं से भी कमजोर या असमंजस में नजर न आए। केवल एक जगह ऐसा दृश्य आता है जहां वह अपने दस सिरों से संवाद करते हुए युद्ध करने या प्रतीक्षा करने पर विचार करता है, जिसे निर्देशक और अभिनेता ने मिलकर बेहद शानदार ढंग से पर्दे पर उतारा है।

उल्लेखनीय है कि नितेश तिवारी की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में और यश शक्तिशाली रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी क्रेज देखा जा रहा है।