नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को मंत्री पद या कैबिनेट की जिम्मेदारी सौंपने पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया।
दिशा-निर्देश तय करने की थी मांग
दायर याचिका में मांग की गई थी कि प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाएं, ताकि वे विधायकों को कैबिनेट में शामिल करते समय उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि पर विचार करें। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि इस विषय पर फिलहाल कोई स्पष्ट नियामक ढांचा मौजूद नहीं है।
न्यायालय का विचार करने से इन्कार
शीर्ष अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए ऐसी व्यवस्था या नियम बनाने के लिए कोई भी नया निर्देश जारी करने से साफ मना कर दिया और याचिका को निरस्त कर दिया।

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