बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर आई है। पिछले छह शैक्षणिक सत्रों से अटकी पड़ी पदोन्नतियों के मामले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है, जिससे राज्यभर के शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने काफी समय से लंबित चल रही इस पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए नई वरिष्ठता सूची तैयार करने के कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा सभी संभागों के संयुक्त निदेशकों को भेजे गए आदेश के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया का शंखनाद आगामी बीस मई से होने जा रहा है, जिसका सीधा फायदा राजसमंद जिले में कार्यरत करीब दो हजार एक सौ सतहत्तर शिक्षकों सहित प्रदेश के हजारों अध्यापकों को मिलेगा।
इस बार एकमुश्त बनेगी सूची और पच्चीस हजार शिक्षकों को मिलेगा लाभ
विभागीय स्तर पर इस बार वरिष्ठता सूची के निर्माण में एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पूर्व में अपनाई जाने वाली व्यवस्था के विपरीत, जहाँ पांच-पांच साल के अंतराल पर सूचियां तैयार होती थीं, वहीं इस बार विभाग ने एकमुश्त सूची बनाने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अप्रैल दो हजार बाईस तक सेवा में आ चुके सभी लेवल वन और लेवल टू के तृतीय श्रेणी शिक्षकों के नामों को इसमें समाहित किया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस बड़े कदम से पूरे राजस्थान के लगभग पच्चीस हजार शिक्षकों के करियर को एक नई उड़ान मिलेगी और उनकी पदोन्नति के बंद द्वार खुल सकेंगे। निदेशालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि संभाग स्तर पर इस मिश्रित सूची को दस जून तक हर हाल में सार्वजनिक कर दिया जाए।
तय समय सीमा के भीतर होगा आपत्तियों का निस्तारण और जारी होगी फाइनल लिस्ट
पूरी प्रक्रिया को बिना किसी विवाद के और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए विभाग ने एक सख्त समय सारिणी का निर्धारण किया है, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। तय कार्यक्रम के अनुसार जिला स्तर पर पच्चीस मई तक प्रारंभिक अस्थाई वरिष्ठता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा, जिसके बाद शिक्षकों से उनकी आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके ठीक बाद उन सभी शिकायतों और आपत्तियों की बारीकी से जांच कर उनतीस मई तक उनका अंतिम रूप से निस्तारण कर दिया जाएगा और स्थाई सूची को आगे मंडल स्तर पर भेज दिया जाएगा। इसके उपरांत जून महीने के मध्य तक मंडल स्तर पर भी आपत्तियां लेने और उनके समाधान की प्रक्रिया को पूरा करते हुए पच्चीस जून तक अंतिम मिश्रित वरिष्ठता सूची को सार्वजनिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
लंबे समय से अटके तबादलों और छह सत्रों के प्रमोशन का खत्म होगा इंतजार
गौरतलब है कि प्रदेश में सत्र दो हजार इक्कीस-बाईस से लेकर सत्र दो हजार छब्बीस-सत्ताईस तक के कुल छह सत्रों की पदोन्नतियां लगातार लंबित चल रही हैं, हालांकि कुछ मंडलों में शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अंतिम पदस्थापन का काम अभी तक अटका हुआ था। इस बीच शिक्षक संगठनों ने विभाग के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे एक स्वागत योग्य कदम बताया है। शिक्षक नेताओं का मानना है कि इस प्रक्रिया के समय पर पूरे होने से न केवल वर्षों से एक ही पद पर काम कर रहे अध्यापकों को न्याय मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को भी लंबे समय बाद अपने विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार होगा। इसके साथ ही शिक्षक समुदाय ने वर्ष दो हजार अठारह से अटके पड़े अपने तबादलों की प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने की उम्मीद जताई है।

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