तपती और चिलचिलाती गर्मी के इस मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल हमें तपिश से तुरंत राहत तो देता है, लेकिन इसका चौबीसों घंटे और अनियंत्रित उपयोग हमारी सेहत को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है। अमूमन लोग कमरे को जल्दी ठंडा करने के चक्कर में एसी के रिमोट से तापमान को बेहद कम पर सेट कर देते हैं। बाहर की भीषण गर्मी से अचानक एसी वाले अत्यधिक ठंडे कमरे में आने से शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, जिससे कई शारीरिक परेशानियां जन्म लेने लगती हैं।चिकित्सकों के मुताबिक, एसी को एक निश्चित और सही तापमान पर चलाना न केवल शरीर को आराम देता है, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को भी सुरक्षित रखता है। अत्यधिक ठंडक में लंबे समय तक रहने से शरीर की नेचुरल हीटिंग और कूलिंग की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि हम समझदारी से एसी का उपयोग करें ताकि सेहत से समझौता किए बिना गर्मी को मात दी जा सके।
अत्यधिक ठंडक से शरीर को होने वाले बड़े नुकसान
जब हम एसी को बहुत कम तापमान पर चलाते हैं, तो हमारे शरीर को इसके कई प्रतिकूल प्रभाव झेलने पड़ते हैं। लगातार बहुत ठंडी और शुष्क (dry) हवा के संपर्क में रहने से सर्दी, खांसी, जुकाम और गले में संक्रमण (इंफेक्शन) का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, कई लोगों को लगातार सिरदर्द, आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) और मांसपेशियों में अकड़न व दर्द की शिकायत होने लगती है। लंबे समय तक इस तरह के कृत्रिम वातावरण में रहने से शरीर की अंदरूनी इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे हम छोटी-मोटी बीमारियों की चपेट में जल्दी आने लगते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कितना होना चाहिए एसी का आदर्श तापमान?
सेहतमंद बने रहने के लिए एयर कंडीशनर का सही तापमान पर चलना बेहद आवश्यक है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, 24°C से 26°C के बीच का तापमान मानव शरीर के लिए सबसे अनुकूल, सुरक्षित और आरामदायक (कंफर्टेबल) माना जाता है।
इस थर्मल रेंज में एसी चलाने से कमरे का वातावरण शरीर के प्राकृतिक तापमान के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाता है। इससे हमें बाहर से अंदर आने पर 'टेंपरेचर शॉक' (अचानक तापमान बदलना) नहीं लगता और शरीर की थकान व सुस्ती भी काफी हद तक कम होती है। साथ ही, यह सेटिंग बिजली की बचत के लिहाज से भी सबसे उत्तम मानी जाती है।
एसी का इस्तेमाल करते समय इन जरूरी बातों का रखें ख्याल
यदि आप भी दफ्तर या घर पर लंबे समय तक एसी में वक्त बिताते हैं, तो अपनी जीवनशैली में कुछ सावधानियां जरूर शामिल करें:
- एसी को कभी भी 16°C से 20°C की न्यूनतम रेंज पर न चलाएं और इसकी सीधी ठंडी हवा के सामने बैठने से बचें।
- लगातार एसी रूम में बैठने के बजाय हर एक-दो घंटे में कुछ मिनटों के लिए सामान्य वातावरण में आएं।
- एसी की हवा कमरे की नमी सोख लेती है, इसलिए त्वचा और शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- रात को सोते समय एसी में 'टाइमर' या 'स्लीप मोड' का इस्तेमाल करें ताकि कमरा जरूरत से ज्यादा ठंडा न हो।
- कमरे की हवा को बैक्टीरिया और डस्ट-फ्री रखने के लिए एसी के फिल्टर्स की नियमित सफाई और समय पर सर्विसिंग कराना न भूलें।

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