August 26, 2026

स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता, दिल्ली में 2308 मामले; नोएडा में 24 घंटे में आठ गुना बढ़े केस

नई दिल्ली:दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 2,308 हो गए हैं, जबकि इन्फ्लुएंजा ए और बी के मामलों का आंकड़ा 3,000 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, एनसीआर के गौतमबुद्ध नगर जिले में मंगलवार को एक ही दिन में 105 नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

स्वास्थ्य मंत्री की समीक्षा बैठक और निर्देश

राजधानी में मौसमी फ्लू और वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की, जिसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के सभी अस्पताल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष वायरस का एच1एन1 सबटाइप प्रमुख रूप से सामने आ रहा है, जबकि पिछले साल एच3एन2 का जोर था। इसके अलावा, डेंगू के 570 और मलेरिया के 215 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अभी तक डेंगू और मलेरिया से किसी भी मरीज की मौत की सूचना नहीं है।

जमीनी स्तर पर तैयारियों पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों की तैयारियों, सर्विलांस व्यवस्था, जीवन रक्षक दवाओं और टेस्टिंग सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक तैयारियां केवल कागजी रिपोर्ट और आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक असर जमीन पर दिखना चाहिए। पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में केंद्र सरकार ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही, केंद्र की एडवाइजरी सभी संबंधित अस्पतालों व विभागों को भेज दी गई है।

नोएडा में 24 घंटे के भीतर आठ गुना बढ़े मरीज

गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या महज 24 घंटों के भीतर आठ गुना बढ़कर 120 पर पहुंच गई। इससे पहले सोमवार तक जिले में केवल 15 मरीज दर्ज किए गए थे। मरीजों की इस बेकाबू रफ्तार को देखते हुए प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के अनुसार, मंगलवार को सामने आए सभी मामलों की पुष्टि निजी अस्पतालों में की गई जांच के आधार पर हुई है। जिले में स्वाइन फ्लू की विशेष लैब न होने के कारण सैंपल्स की जांच पीजीआई में कराई जा रही है, जबकि जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने महंगी जांच के चलते सभी संदिग्धों की टेस्टिंग न हो पाने की बात भी स्वीकार की है और लोगों से लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की अपील की है।