नई दिल्ली। वजीराबाद के पास यमुना नदी पर लगभग 1518.37 करोड़ रुपये की भारी लागत से निर्मित दिल्ली के पहले केबल-स्टे ब्रिज (सिग्नेचर ब्रिज) का हाल ही में सरकार द्वारा सेफ्टी ऑडिट कराया गया है, जिसमें कई गंभीर खामियां और तकनीकी समस्याएं उजागर हुई हैं। इन कमियों के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने इस महत्वपूर्ण ब्रिज को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और इसके बेहतर रखरखाव के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम और सेंसरों में खराबी
केबल ब्रिज की सुरक्षा और स्थिरता की निगरानी के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला 'ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम' लंबे समय से बंद और खराब स्थिति में पाया गया है। यह सिस्टम ब्रिज पर गुजरने वाले वाहनों के भारी वजन, दबाव, तनाव, भूकंप के झटकों, तेज हवाओं और भारी ट्रैफिक के दौरान होने वाले कंपनों को रिकॉर्ड करने का कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, पिलर या बीम में किसी भी प्रकार के झुकाव और संरचनात्मक बदलावों को मापने के लिए लगाया गया टिल्ट या इंकलीनोमीटर सेंसर भी काफी समय से क्षतिग्रस्त मिला है, जिससे तापमान, नमी और हवा की गति के प्रभाव का सही आकलन नहीं हो पा रहा था।
फाउंडेशन और अन्य संरचनात्मक कमियां
सुरक्षा जांच के दौरान नदी की तरफ स्थित फाउंडेशन के आसपास जंग लगने और विभिन्न प्रकार की खराबी का आकलन किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों और पानी के तेज बहाव के चलते पानी के नीचे तथा जमीन के अंदर के हिस्सों का सेफ्टी ऑडिट उस समय संभव नहीं हो पाया था, लेकिन अब सरकार ने उन गुप्त और गहरे हिस्सों की भी बारीकी से जांच कराने के स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं।
सिग्नेचर ब्रिज की होगी व्यापक मरम्मत
सामने आई तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर मरम्मत कार्य योजना तैयार की है। जांच में स्टील डेक पर जंग लगने, पायलन की कोटिंग खराब होने, स्टे-केबल एंकरेज प्रोटेक्शन में कमी, वैक्स लीक होने, एक्सपेंशन जॉइंट्स की सफाई में लापरवाही, ड्रेनेज के रखरखाव के आभाव और कुछ पेंडुलम बेयरिंग से जुड़ी गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
सरकार की प्राथमिकता और रखरखाव
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, सिग्नेचर ब्रिज राजधानी दिल्ली का एक प्रमुख लैंडमार्क और पहचान है। सरकार इस ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित ब्रिज की सुरक्षा और सुंदरीकरण को लेकर पूरी तरह गंभीर है, और सेफ्टी ऑडिट में सामने आई सभी खामियों को दूर करके भविष्य में इसका नियमित और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।

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