रायपुर : समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए सूरजपुर जिले में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग एवं भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से 28 अक्टूबर को प्रेमनगर और 29 अक्टूबर को ओड़गी में लगाए गए शिविरों में कुल 212 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 31 को कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स का लाभ मिला, जबकि 75 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकित किया गया है।
प्रेमनगर शिविर में 142 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ। इनमें 17 को कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स उपलब्ध कराए गए तथा 45 को सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकित किया गया। ओड़गी शिविर में 70 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ। यहां 14 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स लगाए गए और 30 को सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकित किया गया। चिन्हित हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को सुगम बनाने के लिए समग्र शिक्षा जिला कार्यालय और एलिम्को के सहयोग से रामानुजनगर एवं प्रेमनगर में आकलन एवं मूल्यांकन शिविर भी आयोजित किए गए। शिविरों में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 66 बच्चों का चिन्हांकन किया गया। एलिम्को के विशेषज्ञ डॉ. नजमुल फकीर (प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स) तथा डॉ. सूरजपाल सिंह (ऑडियोलॉजिस्ट) ने बच्चों की शारीरिक एवं श्रवण संबंधी जरूरतों का आकलन किया। बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे दैनिक गतिविधियों और पढ़ाई में मदद मिलेगी।
जिले में आगामी शिविर 30 अक्टूबर को मंगल भवन, प्रतापपुर में आयोजित होगा। इसमें जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत प्रतापपुर, जरही एवं भटगांव क्षेत्र के दिव्यांगजन शामिल हो सकेंगे। इसके बाद 4 नवंबर को मंगल भवन, भैयाथान; 5 नवंबर को सामुदायिक भवन, कौशलपुर (रामानुजनगर); और 6 नवंबर को मंगल भवन, सूरजपुर में संबंधित जनपद एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
पात्र दिव्यांगजन शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल राशन कार्ड और पासपोर्ट आकार के दो फोटो साथ लेकर आएं। दस्तावेजों के आधार पर पात्रता का परीक्षण कर आवश्यक उपकरणों के लिए चिन्हांकन किया जाएगा। जिनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बना है, उनके संबंध में सूची उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है।

More Stories
महिला आयोग की जनसुनवाई में 30 प्रकरणों पर हुई सुनवाई, 10 नस्तीबद्ध
गंगरेल की तेज लहरों के बीच फंसे मछुआरे के लिए देवदूत बनी रेस्क्यू टीम, सुरक्षित बचाई जान
आधुनिक विद्युत चाक से जयराम कुम्भकार के हुनर को मिली नई पहचान, स्वरोजगार को मिला नया आधार