October 29, 2026

रेस कोर्स मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई टली, केंद्र सरकार को मिला 4 हफ्ते का समय

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के समीप स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को आश्वस्त किया है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधित्व पर अंतिम निर्णय लिए जाने तक मस्जिद के खिलाफ कोई भी विध्वंस (डिमोशन) कार्रवाई नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति अनिश दयाल की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश केंद्रीय सरकारी वकील (CGSC) आशीष दीक्षित ने यह जानकारी दी, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर के लिए तय कर दी है।

चार सप्ताह के भीतर वक्फ बोर्ड के आवेदन पर होगा निर्णय

अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दिए गए अभ्यावेदन (प्रतिनिधित्व) पर चार सप्ताह के भीतर विधिवत फैसला लिया जाएगा। यह पूरा मामला एक नमाजी सैयद अहमद सऊद द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें मस्जिद को संभावित तोड़फोड़ से सुरक्षित रखने और वहां निर्विघ्न रूप से नमाज अदा करने के अधिकार की रक्षा करने की गुहार लगाई गई है।

याचिका की वैधता और दोनों पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने याचिकाकर्ता की लोकस स्टैंडी (याचिका दायर करने के अधिकार) पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि व्यक्तिगत नमाजी इस तरह अदालत का रुख करेंगे, तो अनगिनत मामले खड़े हो सकते हैं। वहीं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एम. सुफियान सिद्दीकी ने इस आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार के तहत याचिकाकर्ता को यह मामला उठाने का पूरा हक है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि मस्जिद तक आने-जाने वाले रास्तों में बाधा उत्पन्न की जा रही है। फिलहाल, केंद्र के आश्वासन के बाद 16 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक मस्जिद यथावत स्थिति में बनी रहेगी।