नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के परिणामों ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। चुनावों में कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई तीखी आलोचना के जवाब में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने के बजाय उन्हें अपने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गढ़ों में हुई हार पर आत्म-मंथन करना चाहिए।
वाराणसी और नागपुर में हार पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जयराम रमेश ने लिखा कि प्रधानमंत्री को कांग्रेस की सीटें गिनने के बजाय यह देखना चाहिए कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा दोनों सीटें कैसे हार गई। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस के मुख्य गढ़ नागपुर और राष्ट्रीय अध्यक्ष के गृह नगर पटना तथा लखनऊ-प्रयागराज में भाजपा को मिली हार का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन क्षेत्रों में पराजय यह दर्शाती है कि देश की जनता ने वर्तमान नीतियों और महंगाई-बेरोजगारी के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया है।
चुनावी झटके और आगामी राजनीतिक समीकरण
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में हुए इन विधान परिषद चुनावों में भाजपा ने कई सीटें जीती हैं, लेकिन वाराणसी, नागपुर और पटना जैसी वीवीआईपी और पारंपरिक रूप से मजबूत सीटों पर शिकस्त मिलना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन परिणामों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए नए राजनीतिक समीकरणों पर सोचने को मजबूर कर दिया है।

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