चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर अपने पुराने और चर्चित रंग में लौट आई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद किसी भी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने के कारण राज्य में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का दौर शुरू हो गया है। विधायकों की खरीद-फरोख्त के डर और सरकार गठन की अनिश्चितता के बीच एआईएडीएमके ने अपने 19 से ज्यादा विधायकों को पड़ोसी राज्य पुडुचेरी के एक लग्जरी रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है।
इस बीच टीवीके ने भी अपने विधायकों को मामल्लापुरम के रिसॉर्ट्स में भेज दिया है ताकि वे सब एक साथ रहें, यह कदम इस बात को दर्शाता है कि यह राजनीतिक खींचतान कितनी अहम और दांव पर लगी है। विधायकों को रिसॉर्ट्स में इकट्ठा किया जा रहा है, पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है और बहुमत के आंकड़े अभी भी पक्के नहीं हैं। ऐसे में तमिलनाडु में सरकार बनने की स्थिति अभी भी पूरी तरह से खुली हुई है और सभी पक्ष बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने की होड़ में लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सी वी षणमुगम जो पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी के करीबी माने जाते हैं उन्होंने द शोर त्रिशवम रिसॉर्ट में 20 से ज़्यादा कमरे बुक करवाए हैं। कई विधायक पहले ही पुडुचेरी पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य रास्ते में हैं। पार्टी की कोशिश है कि सरकार गठन को लेकर चल रही अहम बातचीत और राजनीतिक उठापटक के इस दौर में वह अपने विधायकों को एकजुट रख सके। जैसे-जैसे सरकार गठन की स्थिति स्पष्ट होती जाएगी, आने वाले दिनों में और भी कमरे बुक किए जा सकते हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एआईएडीएमके के भीतर ही अंदरूनी कलह और उठापटक चल रही हैं। बताया जा रहा है कि विधायकों का एक धड़ा अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने के पक्ष में है। टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के जादुई आंकड़े से अभी भी पीछे है। इस राजनीतिक घटनाक्रम को और भी दिलचस्प बनाते हुए, यह जानकारी मिली है कि डीएमके ने अपनी पुरानी और कट्टर प्रतिद्वंद्वी पार्टी एआईएडीएमके के साथ बैक-चैनल बातचीत शुरू कर दी है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह एक बेहद असामान्य और चौंकाने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि एआईएडीएमके के सूत्रों ने इन चर्चाओं की पुष्टि की है, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच किसी संभावित गठबंधन को लेकर अभी तक कोई स्पष्टता सामने नहीं आई है। आंकड़े अभी भी बहुत करीब हैं। डीएमके के पास 59 सीटें हैं और एआईएडीएमके के पास 47 ऐसे में किसी भी गठबंधन का महत्व बढ़ जाता है। विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात की, लेकिन उनसे 118 विधायकों के समर्थन का सबूत लेकर वापस आने को कहा।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल उन्हें 112 विधायकों का समर्थन हासिल है जिसमें कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन भी शामिल है, लेकिन फिर भी वे बहुमत के आंकड़े से पीछे हैं। कांग्रेस के साथ गठबंधन पक्का करने के बाद टीवीके ने एआईएडीएमके के साथ बातचीत फिलहाल रोक दी है, लेकिन दूसरी पार्टियों के साथ उनकी बातचीत अभी भी जारी है। वामपंथी पार्टियां जो डीएमके की सहयोगी भी हैं शुक्रवार को यह फैसला करेंगी कि वे सरकार बनाने के लिए टीवीके का समर्थन करेंगी या नहीं।

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