नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार करते हुए देश की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पंजाब में हाल में हुए विस्फोटों को लेकर भाजपा की भूमिका पर संदेह जताते हुए इसे चुनावी लाभ के लिए राज्य के सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करार दिया। संजय सिंह ने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जब भी किसी राज्य में चुनाव आते हैं, तब वहां नफरत और अस्थिरता का माहौल बनाने के प्रयास तेज कर दिए जाते हैं, जिससे आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पंजाब की शांति और सुरक्षा पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने पंजाब की वर्तमान स्थिति की तुलना साल 2017 के मोड़ विस्फोट से करते हुए कहा कि उस समय भी सत्ताधारी दल इन घटनाओं की तह तक जाने में नाकाम रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव के संपन्न होते ही भाजपा का 'मिशन पंजाब' शुरू होना वहां के अमन-चैन को भंग करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। आप नेता ने राष्ट्रीय सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करते हुए पुलवामा हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए आरडीएक्स के स्रोत पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया और कहा कि इतने वर्षों बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक देश के भीतर कैसे पहुंचा।
सीमावर्ती राज्यों और कानून व्यवस्था की आलोचना
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की घटना और मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए संजय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर केंद्र के अधीन होने के बावजूद वहां सुरक्षा चूक की घटनाएं चिंताजनक हैं और प्रशासन को यह जवाब देना चाहिए कि महत्वपूर्ण मौकों पर सुरक्षा घेरा किसके आदेश पर हटाया गया। मणिपुर के मुद्दे पर उन्होंने क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से जल रहे इस राज्य की स्थिति सुधारने के बजाय सत्ता पक्ष अन्य राज्यों के चुनावों में व्यस्त है, जो उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
राजनैतिक हिंसा और भविष्य की चुनौतियां
संजय सिंह ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद हुई हिंसा और पंजाब में घृणा फैलाने वाली राजनीति के प्रति देशवासियों को सावधान किया। उन्होंने भाजपा के कुछ पूर्व सदस्यों के संदिग्ध संगठनों से जुड़ाव होने के दावों को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जिस बदलाव की राजनीति की बात करते हैं, वह धरातल पर नफरत और विभाजन के रूप में दिखाई दे रही है। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे ऐसी ताकतों की चालबाजियों में न आएं जो केवल सत्ता प्राप्ति के लिए समाज को बांटने का काम करती हैं, क्योंकि देश का भविष्य भाईचारे और एकजुटता में ही सुरक्षित है।

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