सियासी जंग तेज: परिसीमन बिल गिरने के बाद भाजपा-सपा में आर-पार की लड़ाई।

परिसीमन बिल पर रार, भाजपा ने अखिलेश को बताया 'वांटेड' तो सपा प्रमुख का 'गद्दार' वाला पलटवार

लखनऊ|लोकसभा में परिसीमन बिल के विफल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर पहुंच गया है। भाजपा ने अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पोस्टर साझा करते हुए उन्हें 'वांटेड' करार दिया। भाजपा ने तंज कसते हुए लिखा कि उन्हें अंतिम बार 'टोंटी चुराते' देखा गया था। भाजपा उत्तर प्रदेश के अनुसार, अखिलेश यादव महिलाओं के अधिकारों के विरोधी हैं और उन पर संसद में 'नारी शक्ति' के हक को रोकने का आरोप लगाया गया है।

इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं को 'गद्दार' की संज्ञा दी। अखिलेश ने पलटवार करते हुए लिखा कि भाजपा और उसके सहयोगी अपनी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में इस बात का भय व्याप्त है कि जब देश की 95 प्रतिशत आबादी वाला 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज भाजपा की नीतियों के विरुद्ध एकजुट होगा, तो उनका क्या हश्र होगा। अखिलेश ने आगे आरोप लगाया कि इन नकारात्मक लोगों ने आजादी से पहले भी देश के साथ गद्दारी की थी और गुलामी करने वालों का साथ दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले भी देश को धोखा देकर संपत्ति अर्जित की और आज भी वही कर रही है।