नई दिल्ली। देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, CBSE, CUET और SSC) में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और धांधलियों के विरोध में छात्रों और युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 20वें दिन प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद, अभिनेत्री एवं कार्यकर्ता कविता ने दिल्ली पुलिस से बहुत ही संवेदनशील और मानवीय अपील की है।
पुलिसकर्मियों से की वर्दी से ऊपर उठकर सोचने की अपील
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कविता ने दिल्ली पुलिस के जवानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि वे कार्रवाई के दौरान अपनी वर्दी के दायरे से बाहर निकलकर इंसानियत के नाते सोचें। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में तैनात हर जवान का भी अपना परिवार होता है—माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन और अपने प्रियजन। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अपने दायित्व का पालन करते हुए भी नागरिकों और छात्रों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखें।
छात्रों के प्रदर्शन की वजह और मेडिकल इमरजेंसी का हवाला
कविता ने स्पष्ट किया कि आज देश के युवा और छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को क्यों मजबूर हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की खामियों और पेपर लीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर परिवार की यह बुनियादी चाहत होती है कि जरूरत के वक्त उनके बच्चों या किसी अपने को कोई फर्जी डॉक्टर न मिले, बल्कि एक योग्य और असली डॉक्टर उनकी जान बचा सके। परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार सीधे तौर पर देश की भावी पीढ़ी और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, जिसके विरोध में छात्र आवाज उठा रहे हैं।
"देश के बच्चों पर हाथ मत उठाना"
वीडियो के अंत में काफी भावुक होते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों और आम नागरिकों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग न करें और उन्हें चोट न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भले ही अधिकारियों के आदेश का पालन करना पड़ता है, लेकिन हर इंसान के पास अपना दिल, दिमाग और जमीर (विवेक) होता है, जिसका सही उपयोग किया जाना चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
गौरतलब है कि इस पूरे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के पीछे 'CJP' (सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस या संबंधित मंच) की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और इनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के कारण लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता के कारण कई छात्रों द्वारा अत्यधिक कदम उठाने की दुखद खबरें भी सामने आई हैं, जिसने इस पूरे प्रकरण को और अधिक गंभीर और संवेदनशील बना दिया है।

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