चंडीगढ़:हरियाणा सरकार ने राज्य के लिपिकीय वर्ग (क्लेरिकल स्टाफ) को एक बड़ी वित्तीय और प्रशासनिक राहत प्रदान की है। प्रदेश में लिपिकों को प्रदान की जाने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) के लाभ को अब उनके मूल वेतनमान (बेसिक पे) में स्थायी रूप से शामिल कर दिया जाएगा। इस निर्णय के लागू होने के बाद भविष्य में मिलने वाले तमाम वित्तीय, सेवानिवृत्ति और सेवा संबंधी लाभ इस नए बढ़े हुए मूल वेतन के आधार पर ही तय किए जाएंगे।
वित्त विभाग ने कर्मचारियों की शंकाएं दूर करते हुए स्थिति की स्पष्ट
प्रदेश के वित्त विभाग ने क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा उठाई गई विभिन्न प्रशासनिक आपत्तियों का संज्ञान लेते हुए स्थिति को पूरी तरह पारदर्शी और स्पष्ट कर दिया है। राज्य सरकार ने लगभग 15 हजार लिपिकों के हित में यह फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि उन्हें मिलने वाली अतिरिक्त इंक्रीमेंट कोई अस्थायी भत्ता नहीं है, बल्कि यह उनके बेसिक पे का एक अपरिवर्तनीय और स्थायी अंग होगी।
वरिष्ठ लिपिकों और 2020 बैच के कर्मचारियों को मिलेगा विशेष लाभ
विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, वरिष्ठ लिपिकों (सीनियर क्लर्कों) को मिलने वाली तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि और वर्ष 2020 बैच के लिपिकों को दी जाने वाली दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि को उनके वर्तमान बेसिक पे में स्थायी रूप से जोड़ दिया जाएगा। इस निर्णय के लागू होने से अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के बीच वेतनमान को लेकर लंबे समय से चला आ रहा असंतुलन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
वेतन निर्धारण, एसीपी, पदोन्नति और पेंशन के मामलों में मिलेगी राहत
अतिरिक्त वेतन वृद्धि के बेसिक पे में शामिल होने के साथ ही लिपिकों, वरिष्ठ लिपिकों, सहायकों और अन्य समकक्ष श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। अब कर्मचारियों के एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP), पदोन्नति के समय मिलने वाले वित्तीय लाभ, महंगाई भत्ता, ग्रैच्युटी और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन की गणना इस बढ़े हुए मूल वेतनमान के आधार पर ही की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर, लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी
सरकार के इस सकारात्मक कदम से प्रदेश भर के हजारों क्लेरिकल कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि बेसिक पे में इंक्रीमेंट जुड़ने से न केवल उनके मासिक वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि भविष्य में मिलने वाले तमाम सेवा लाभ भी सुरक्षित हो गए हैं। इस आदेश से लिपिकीय वर्ग का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कामकाज में अधिक दक्षता देखने को मिलेगी।

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