सरकार का बड़ा दावा, CJP आंदोलन पर 24 घंटे में चार बार बातचीत की पेशकश

नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर के युवाओं में गहरा आक्रोश बना हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली के पुनर्गठन की मांग को लेकर हो रहा आंदोलन अब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से निकलकर देशव्यापी रूप ले चुका है। जगह-जगह जारी प्रदर्शनों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच अब केंद्र सरकार ने मामले को शांत करने के लिए बातचीत की मेज सजाई है और प्रदर्शनकारियों को बिना किसी पूर्व शर्त के संवाद का निमंत्रण दिया है।

सरकार ने दिए बातचीत के 4 विकल्प

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा संगठनों से उग्र आंदोलन का रास्ता छोड़कर वार्ता की राह चुनने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बीते 24 घंटों में छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के चार अलग-अलग विकल्प दिए हैं। सरकार का रुख पूरी तरह लचीला है—आंदोलनकारी जब चाहें, जितने समय के लिए चाहें, अपनी बात रख सकते हैं। यह वार्ता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास या कार्यालय में आयोजित की जा सकती है।

पारदर्शी चर्चा के लिए तैयार केंद्र सरकार

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हर शंका, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों की सभी समस्याओं पर खुले दिल से बात करने के लिए तत्पर है। हालांकि, इससे पहले सोमवार को छात्र प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आयोजित शुरुआती दौर की वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने पुनः नए सिरे से बातचीत की पेशकश की है।

दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा

छात्रों के असंतोष को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि परीक्षा धांधली और पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

दूसरी तरफ, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है, जहां स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तनातनी को देखते हुए इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई है। आंदोलनकारी छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पूरी परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधारों और तनाव के चलते जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के आश्रितों को वित्तीय सहायता देने की मांग पर अड़े हुए हैं।