खेलों की ओर बढ़ेंगे युवा, चंडीगढ़ में दो महीने के अभियान का प्रशासक ने किया शुभारंभ

चंडीगढ़:पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने समाज को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने तथा युवा पीढ़ी को खेलकूद के प्रति प्रोत्साहित करने के पावन उद्देश्य से एक विशेष सामाजिक पहल की शुरुआत की है। वीरवार को पंजाब स्थित लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने "खेल का उपहार, नशे पर प्रहार" नामक दो दिवसीय नहीं बल्कि दो महीने लंबे व्यापक जन-जागरूकता अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया। 'कर्तव्यनिष्ठ' एवं 'नशा मुक्ति चेतना संघ' के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जाने वाला यह राष्ट्रव्यापी अभियान अगले दो महीनों तक प्रदेश भर में निरंतर और प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा।

प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को संसाधन उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्य

इस दूरदर्शी अभियान का मुख्य ध्येय समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़कर आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित परिवारों के होनहार बच्चों तक खेल सामग्री पहुंचाना है। प्रायः देखा जाता है कि अनेक बच्चे अपार खेल प्रतिभा होने के बावजूद महज वित्तीय तंगी और आवश्यक खेल उपकरणों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते हैं। यह अभियान ऐसे ही वंचित बच्चों को पहचानकर उन्हें आवश्यक संसाधन प्रदान करेगा ताकि उनकी प्रतिभा निखर सके और वे नशों के दुष्प्रभावों से दूर रहकर खेल के मैदान में अपना और देश का नाम रोशन कर सकें।

समाज के सभी वर्गों और प्रबुद्ध नागरिकों को इस जनआंदोलन से जोड़ने की योजना

अभियान को व्यापक और सर्वव्यापी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत उद्योगपतियों, व्यवसायियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, स्थापित खिलाड़ियों, सामाजिक संस्थाओं, गैर-सरकारी स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें इस सामाजिक मुहीम से जोड़ा जाएगा। समाज के इन सक्षम व प्रभावशील वर्गों के सहयोग से एक ऐसा मजबूत वातावरण तैयार किया जाएगा, जहाँ हर नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे सके।

नशे की समस्या पर करारा प्रहार और युवाओं को खेल संस्कृति की ओर मोड़ना

राज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की गर्त में धंसती जा रही युवा ऊर्जा को सही दिशा देना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। खेलों से जुड़कर युवा न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। 'खेल का उपहार, नशे पर प्रहार' अभियान के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और उनके सेवन के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक ढाल तैयार करने की रणनीति बनाई गई है।

दो माह तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान से बड़े सामाजिक बदलाव की उम्मीद

आगामी दो महीनों तक लगातार चलाए जाने वाले इस अभियान के अंतर्गत विभिन्‍न क्षेत्रों में खेल सामग्री वितरण समारोह, खेल प्रतियोगिताएं और नशा विरोधी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों और प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्ण विश्वास है कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप लेगा। इस पहल से न केवल सैकड़ों जरूरतमंद युवा एथलीटों का सपना साकार होगा, बल्कि पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।