जयपुर। धनतेरस के पावन अवसर पर जयपुर का व्यापारिक जगत पूरी तरह से गुलजार रहा, जहाँ अनुमानित रूप से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लेन-देन दर्ज किया गया। इस बार ग्राहकों के रुझान में बड़ा बदलाव देखा गया, जहाँ खरीदारी की कुल मात्रा बढ़ने के साथ-साथ लोगों की प्राथमिकताओं में भी आधुनिकता का असर साफ नजर आया। नवयुवकों यानी जेन-जी वर्ग ने सामान्य सामानों के स्थान पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अत्याधुनिक विशेषताओं से लैस उत्पादों में अधिक रुचि दिखाई। वहीं दूसरी ओर, वाहन बाजार में पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। बहुमूल्य धातुओं के दामों में आई कमी के चलते सर्राफा कारोबार में भी ग्राहकों की भारी चहल-पहल बनी रही। व्यापारिक संगठनों के अनुसार पूरे राज्य में इस त्यौहार पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कुल व्यवसाय हुआ, जिसमें अकेले प्रांतीय राजधानी की भागीदारी 35 से 40 प्रतिशत के करीब रही। इसी आधार पर शहर में 7 से 8 हजार करोड़ रुपये के आसपास व्यापार होने का आंकलन है। गाड़ियों, आभूषणों और बिजली के उपकरणों के अलावा परिधान, मिष्ठान, मेवे, बर्तन और उपहार सामग्री के प्रतिष्ठानों पर भी खरीदारों की भारी उपस्थिति रही।
स्मार्ट तकनीक और एआई उपकरणों की तरफ बढ़ा युवाओं का रुझान
बिजली और घरेलू उपकरणों के बाजार में इस बार युवा वर्ग की पसंद ने व्यापार की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। पिछले वर्ष की तुलना में इस श्रेणी की बिक्री में करीब 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई है। युवा खरीदारों ने साधारण उपकरणों के बजाय आधुनिक तकनीक से युक्त वस्तुओं को प्राथमिकता दी। विशाल डिस्प्ले वाले स्मार्ट टेलीविजन, एआई आधारित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आधुनिक फ्रिज और स्वचालित वॉशिंग मशीनों की जमकर बिक्री हुई। नए दौर के उपभोक्ता अब खरीदारी करते समय वस्तु की कार्यप्रणाली, स्मार्ट फीचर्स और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता को अधिक महत्व दे रहे हैं।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चमक
गाड़ियों के बाजार में इस बार बैटरी से चलने वाले वाहनों की मांग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही। त्यौहार के दिन वाहन विक्रय केंद्रों पर देर रात तक गाड़ियां सौंपने का काम चलता रहा। कुल बिकने वाली चौपहिया गाड़ियों में इलेक्ट्रिक वाहनों का योगदान लगभग 9 प्रतिशत और दोपहिया क्षेत्र में करीब 11 प्रतिशत रहा। राज्यभर में इस अवसर पर लगभग 10 से 12 हजार कारें और 40 से 50 हजार दोपहिया वाहन बिकने का अनुमान लगाया गया है। राजधानी में भी लोगों ने पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों के साथ-साथ आधुनिक ई-वाहनों में गहरी रुचि दिखाई और पहले से आरक्षित वाहनों को शुभ समय में अपने घर ले गए।
आभूषण बाजार में स्वर्ण और रजत धातुओं की भारी बिक्री
सर्राफा व्यापार में भी धनतेरस के दिन खरीदारी को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला। सोने और चांदी के भावों में आई नरमी का लाभ उठाते हुए उपभोक्ताओं ने दिल खोलकर खरीदारी की। विशेषज्ञों के अनुसार राज्यभर में लगभग 800 किलोग्राम सोना और 25 हजार किलोग्राम चांदी बिकने का अनुमान है। सोने के सिक्कों, सिलियों और गहनों के साथ-साथ चांदी निर्मित सिक्कों, बर्तनों, देव-प्रतिमाओं और भेंट स्वरूप दी जाने वाली वस्तुओं की बाजार में व्यापक मांग रही। परंपरा निभाने के साथ-साथ भविष्य के सुरक्षित निवेश के दृष्टिकोण से भी लोगों ने कीमती धातुओं का क्रय किया।

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