November 7, 2026

गफ्फार मार्केट में आग का असर, व्यापारियों ने मांगा 100 करोड़ का फंड

नई दिल्ली। करोल बाग स्थित प्रसिद्ध गफ्फार मार्केट में घटे भीषण अग्निकांड के उपरांत देश की राजधानी के व्यापारिक संगठनों ने बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने आगामी दीपावली और भाई दूज पर्व तक दिल्ली के तमाम प्रमुख और संवेदनशील बाजारों में 24 घंटे दमकल की गाड़ियों की मुस्तैदी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही संस्था ने आगजनी की घटनाओं में नुकसान झेलने वाले छोटे कारोबारियों को तत्काल राहत पहुंचाने के ध्येय से 100 करोड़ रुपये का विशेष कोष स्थापित करने का आग्रह किया है। सीटीआई ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र प्रेषित कर राजधानी के 20 सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले व्यापारिक केंद्रों में चौबीसों घंटे अग्निशमन गाड़ियां तैनात करने तथा 'व्यापारी अग्नि आपदा कोष' की अविलंब घोषणा करने की अपील की है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की देर रात गफ्फार मार्केट की चेन वाली गली में अचानक आग भड़क उठी थी।

संकरी गलियां, भीड़भाड़ और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं

सीटीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, गफ्फार मार्केट में लगी भयंकर आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 22 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। हालांकि, अत्यंत संकरी गलियों और त्योहारों के चलते बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ के कारण राहत एवं बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में खासी मशक्कत और देरी का सामना करना पड़ा। दीपावली पर्व से महज दो दिन पूर्व घटे इस हादसे ने भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष त्योहारों के आसपास बाजारों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, किंतु जांच के औपचारिक आदेश जारी होने के बावजूद प्रभावित व्यापारियों को समय पर कोई प्रत्यक्ष वित्तीय मदद नहीं मिल पाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार व्यापारी वर्ग केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सरकार से दो ठोस और स्थाई नीतिगत कदम उठाने की मांग कर रहा है।

प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में 24 घंटे दमकल गाड़ियों की तैनाती का प्रस्ताव

व्यापारिक संगठन ने करोल बाग, गफ्फार मार्केट, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, गांधी नगर, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, कमला नगर, लक्ष्मी नगर, तिलक नगर, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, कनॉट प्लेस, खान मार्केट, खारी बावली, चावड़ी बाजार और नया बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। सीटीआई अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी आवागमन के दौरान पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाती है, ठीक उसी तर्ज पर त्योहारी सीजन के दौरान इन बाजारों में दमकल वाहनों को अलर्ट मोड पर तैनात रखा जाना चाहिए। इससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और गाड़ियों के पहुंचने में होने वाले विलंब को रोका जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सीटीआई ने यह मांग भी रखी है कि दीपावली और भाई दूज तक इन सभी बाजारों में एक समर्पित लेन दमकल और एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह मुक्त रखी जाए।

पीड़ित कारोबारियों के लिए 100 करोड़ के विशेष आपदा कोष की मांग

अपनी दूसरी प्रमुख मांग के अंतर्गत सीटीआई ने दिल्ली सरकार के समक्ष 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि से 'व्यापारी अग्नि आपदा कोष' निर्मित करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्तावित योजना के माध्यम से अग्निकांड से प्रभावित होने वाले छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को घटना के सात दिनों के भीतर पांच लाख रुपये तक की तत्काल वित्तीय सहायता अथवा ब्याज-मुक्त ऋण मुहैया कराने की व्यवस्था बनाने का आग्रह किया गया है। व्यापारिक संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से छोटे व्यापारी आर्थिक तबाही से बच सकेंगे और बेहद कम समय में अपना व्यवसाय पुनः खड़ा करने में सक्षम हो पाएंगे।