कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर अंतर्गत पतारा कस्बे के पास 13 अगस्त (गुरुवार) की सुबह एक आम के बगीचे से बरामद किए गए युवती के रहस्यमयी शव के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को दूसरे प्रेमी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं, हालांकि उसने मृतका के साथ किसी भी प्रकार के अवैध संबंध होने से साफ इनकार किया है।
आरोपी का दावा है कि वह मृतका को अपनी बहन की तरह मानता था और समय-समय पर उसकी मदद करता था। उसने केवल इतना स्वीकार किया है कि तबीयत बिगड़ने पर वह युवती को अस्पताल लेकर गया था। गौरतलब है कि पतारा कस्बे की रहने वाली एक अविवाहित गर्भवती युवती कानपुर में किराए पर रहकर रह रही थी। गत गुरुवार की सुबह उसका शव घर से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक आम के बाग में संदिग्ध अवस्था में मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई छह माह की गर्भवती होने की पुष्टि
मृतका के मुंह से झाग निकला हुआ पाए जाने के कारण शुरुआती तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा था कि उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था या उसे कुछ खिलाया गया था। इस बीच, डॉक्टरों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में युवती के छह माह की गर्भवती होने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। वहीं, मृतका के परिजनों ने पुलिस को यह जानकारी दी थी कि वह कानपुर के रामादेवी इलाके में रहती थी।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से खुले राज
पुलिस ने जब मृतका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) और टॉवर लोकेशन की जांच की, तो पतारा निवासी 'गोले पांडेय' और फतेहपुर जिले के जहानाबाद क्षेत्र अंतर्गत नरैनी निवासी 'प्रांजुल पाल' के नाम सामने आए। तकनीकी जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि इन दोनों युवकों की पिछले कई वर्षों से मृतका के साथ सबसे अधिक फोन पर बातचीत होती थी। यहाँ तक कि युवती का शव मिलने से ठीक एक दिन पहले भी दोनों की उससे लंबी बातचीत हुई थी।
घटना के समय गोले पांडेय की मोबाइल लोकेशन भी मृतका के आसपास ही दर्ज की गई थी। मृतका के पिता की लिखित तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने पहले ही प्रांजुल पाल को हिरासत में ले लिया था और मुख्य रूप से गोले की तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार रविवार को पुलिस ने गोले को भी धर दबोचा और दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पूछताछ में दूसरे आरोपी गोले ने क्या बताया?
पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान दूसरे आरोपी गोले ने मृतका के साथ प्रेम संबंध होने से पूरी तरह इनकार किया। उसका कहना था कि वह उसके बटाईदार की बेटी थी और वह उसे अपनी सगी बहन की तरह देखता था। उसके साथ कभी भी कोई गलत संबंध नहीं रहे, बल्कि वह आर्थिक या अन्य जरूरतों में उसकी हमेशा मदद करता था।
गोले ने पुलिस को यह भी बताया कि जब युवती ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था और उसकी तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई, तो वह उसे इलाज के लिए हैलट अस्पताल लेकर पहुँचा था। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद वह शव को लेकर वापस घर लौट रहा था। रास्ते में एंबुलेंस चालक कथित तौर पर नशे की हालत में था और शव को पतारा के आम के बाग के पास ही उतारकर चला गया था। हालांकि, युवती की तबीयत किन परिस्थितियों में खराब हुई और उसने क्या खाया था, इस बारे में उसने खुद को पूरी तरह अनजान बताया है।
अस्पताल ले जाते वक्त विवाहित दिखाने का रचा गया था नाटक
घाटमपुर थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि जब जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवती की हालत बिगड़ी थी, तब उसने गोले और प्रांजुल दोनों को फोन किया था। प्रांजुल तो मौके पर नहीं पहुँचा, लेकिन गोले उसे अपनी बेटी या बहन बताकर एंबुलेंस से हैलट अस्पताल ले गया था।
चूंकि युवती गर्भवती थी, इसलिए अस्पताल में कागजी कार्रवाई और पहचान छुपाने के उद्देश्य से गोले ने उसे विवाहित दिखाने के लिए उसके पैरों में बिछिया पहनाई और मांग में सिंदूर भरकर अस्पताल पहुँचाया था। जब अस्पताल पहुँचने से पहले ही या वहाँ पहुँचने पर उसकी मौत हो चुकी थी, तो वह शव को एंबुलेंस के जरिए वापस पतारा लेकर आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में एंबुलेंस एक स्थान पर फंस गई, जिसके बाद चालक ने शव को बाग के पास ही उतार दिया और गोले परिजनों को बिना कोई सूचना दिए मौके से फरार हो गया था।
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि मृतका जहाँ किराए पर रहती थी, उस मकान मालिक के बयान के अनुसार गोले अक्सर वहाँ आता-जाता था। युवती के गर्भवती होने के बाद जब उसने दोनों पर शादी का दबाव बनाया, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। इसी बात से आहत और मानसिक रूप से परेशान होकर उसने संभवतः जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस का कहना है कि डीएनए (DNA) जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन था।

More Stories
राजस्थान में यूपी पुलिस के 4 जवान गिरफ्तार, 2.80 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े
निकाय चुनाव के आरक्षण पर घमासान, डोटासरा ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी
निकाय-पंचायत चुनाव में टिकट बंटवारे पर गहलोत का बड़ा बयान, बोले- सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिले मौका