इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदेठी गांव में एक बेहद सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड का मामला सामने आया है। अदालत द्वारा भरण-पोषण (Maintenance) की राशि और बकाया भुगतान के दिए गए कड़े आदेशों से बौखलाए एक सफाई कर्मचारी पति ने अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी और सास की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
शीतल पेय में नशीला पदार्थ देकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस की शुरुआती जांच और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बृजेश श्रीवास्तव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी पति सतेंद्र ने अपने साथी मुकेश की मदद से 15 अगस्त की रात अपनी सास पुष्पा और पत्नी निर्मला को ठंडे पेय पदार्थ (कोल्ड ड्रिंक) में नशीला पदार्थ मिलाकर बेसुध कर दिया था। इसके बाद, आरोपी ने सबसे पहले अपनी सास पुष्पा के हाथ-पार दुपट्टे से कसकर बांध दिए, ताकि वह विरोध न कर सके। गुस्से में तमतमाए सतेंद्र ने पुरानी खुन्नस निकालते हुए तेजधार चाकू से उनका गला रेत दिया।
इसके बाद वह घर के बरामदे में गया, जहाँ उसकी पत्नी निर्मला बेहोश पड़ी थी। सतेंद्र ने जब उसे जगाने की कोशिश की और निर्मला की आँख खुली, तो खून से सना चाकू देखकर उसने घबराकर भागने का प्रयास किया, लेकिन नशे और कमजोरी के कारण वह जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद मुकेश ने निर्मला के पैर पकड़े और सतेंद्र ने दरांती से उसका भी गला रेत दिया।
न्यायालय के आदेश और पैसों का विवाद बना हत्या की वजह
मृतका निर्मला के छोटे भाई अर्पित ने पुलिस को बताया कि 26 अप्रैल 2021 को निर्मला की शादी सतेंद्र के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही निर्मला को पता चला कि उसके पति के संबंध उसकी भाभी की बहन के साथ हैं, जिसके चलते दोनों के बीच आए दिन कलह होने लगी थी। विवाद बढ़ने पर निर्मला शादी के करीब छह महीने बाद ही अपने मायके आकर रहने लगी थी।
वर्ष 2023 में उसने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का मुकदमा पारिवारिक न्यायालय में दायर किया था। हाल ही में 3 अगस्त को अदालत ने फैसला सुनाते हुए सतेंद्र को निर्देश दिया था कि वह हर महीने 7,000 रुपये निर्मला को दे। साथ ही, पिछले वर्षों के बकाए के रूप में लगभग 3 लाख रुपये का जल्द से जल्द भुगतान करने का भी आदेश दिया था। इसी आर्थिक दबाव और रंजिश के चलते सतेंद्र ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
दूधिया के पहुंचने पर खुला खौफनाक राज
चंदेठी गांव निवासी पुष्पा और उनकी विवाहित बेटी निर्मला लंबे समय से घर में अकेले रह रही थीं, जबकि उनके पति और छोटा बेटा बाहर नौकरी के सिलसिले में रहते थे। रोज की तरह 16 अगस्त की सुबह जब गांव का दूधिया राजीव दूध देने पहुँचा, तो उसने मुख्य लोहे के गेट को कई बार खटखटाया और आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा बंद देख वह लौट गया।
इसके अगले दिन यानी 17 अगस्त की सुबह जब राजीव फिर से दूध देने पहुँचा और अंदर से कोई आहट नहीं मिली, तो उसे किसी अनहोनी का संदेह हुआ। उसने तुरंत गांव के लोगों को इसकी सूचना दी और मृतका के पति सुरेश चंद को फोन पर पूरी बात बताई। ग्रामीणों ने घर के पिछले दरवाजे के रास्ते भीतर प्रवेश किया। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, तो सामने एक खाट पर पुष्पा का और अंदर जमीन पर निर्मला का रक्तरंजित शव पड़ा देख उनके होश उड़ गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एक आरोपी की गिरफ्तारी
वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई। मृतका के भाई अर्पित की शिकायत पर पुलिस ने पति सतेंद्र, सतेंद्र के जीजा विजय, रिश्ते के साले मुकेश और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्य रूप से दो आरोपियों के इस घटना में संलिप्त होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम को साम्हो रोड पर हुई एक मुठभेड़ के दौरान आरोपी साले मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी मुकेश के बारे में यह भी खुलासा हुआ है कि वह 10 साल पहले सेना में सिपाही था, लेकिन एक सरकारी ट्रैक्टर चोरी के मामले में पकड़े जाने पर उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया था और फिलहाल वह गांव में ट्रैक्टर चलाता था। पुलिस मुख्य आरोपी पति सतेंद्र की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

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