October 28, 2026

भारत से कारोबार पर रोक, लेकिन सामान की सप्लाई जारी; पाकिस्तान का दोहरा रुख

इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक व्यापारिक संबंधों पर कड़े प्रतिबंधों के बावजूद पाकिस्तानी बाजार में भारतीय सामानों की पहुंच में बड़ा उछाल देखा गया है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत से पाकिस्तान के आयात में 69 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान पाकिस्तान ने भारत से करीब 61.74 मिलियन डॉलर (लगभग 5,876 करोड़ रुपये) का सामान आयात किया, जबकि इसी दौरान पाकिस्तान से भारत को कोई भी निर्यात दर्ज नहीं किया गया।

तृतीय देशों के जरिए indirect व्यापार की संभावना

प्रत्यक्ष व्यापार बंद होने के बावजूद भारतीय उत्पादों की इस भारी पहुंच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण तीसरे देशों के माध्यम से होने वाला अप्रत्यक्ष (Indirect) व्यापार हो सकता है। इस व्यवस्था के तहत सामान भारत से किसी अन्य देश भेजा जाता है और वहां से फिर पाकिस्तान को निर्यात कर दिया जाता है।

रिपोर्ट में दुबई, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों को ऐसे संभावित ट्रांजिट हब के रूप में चिह्नित किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मामलों में दस्तावेजों या पैकेजिंग में फेरबदल करके सामान के मूल निर्माण देश की पहचान छिपाई जाती है।

रिश्तों में तल्खी और कड़े प्रतिबंधों का दौर

वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) का दर्जा वापस ले लिया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के घटनाक्रम ने दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया, जिसके बाद भारत ने व्यापारिक प्रतिबंध और कड़े कर दिए। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी मई 2025 में भारत के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष व्यापार को निलंबित करने का ऐलान किया था।

पाकिस्तानी बाजार में भारतीय सामानों की मांग

कड़े प्रतिबंधों के बावजूद पाकिस्तानी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग लगातार बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान के स्वास्थ्य, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के लिए भारतीय दवाइयां, फार्मास्युटिकल कच्चा माल, रसायन, प्लास्टिक और कृषि उपकरण बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं प्राथमिक आवश्यकताओं के कारण वहां भारतीय सामान की आपूर्ति जारी रहने की बात कही जा रही है।