बठिंडा। बठिंडा जिले के अंतर्गत आने वाले गाँव मेहराज में इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाने के कार्य से जुड़े 24 वर्षीय मुंशी मोहित कुमार की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाँव मेहराज निवासी मिस्त्री बलकरण सिंह तथा तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या की धारा में मामला दर्ज कर लिया है। मोहित का क्षत-विक्षत शव मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि लगभग ढाई बजे गाँव सिधाणा-मेहराज मुख्य मार्ग के पास स्थित जंगल में मिट्टी के नीचे दबा हुआ बरामद हुआ। मृतक के सिर और गले पर धारदार हथियारों से वार किए जाने के गहरे निशान पाए गए हैं।
काम को लेकर रंजिश और वारदात की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि इस वारदात के पीछे काम से जुड़ी आपसी रंजिश मुख्य वजह हो सकती है। मृतक मोहित कुमार भुच्चो मंडी के वार्ड नंबर-5 का निवासी था और बीते करीब एक वर्ष से ठेकेदार वरिंदर गर्ग उर्फ गन्नू के यहाँ बतौर मुंशी कार्यरत था। वहीं मुख्य नामजद आरोपी बलकरण सिंह भी इसी ठेकेदार के अधीन मिस्त्री के रूप में कार्य करता था। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता ठीक न होने के कारण मुंशी मोहित ने बलकरण का काम बंद करवा दिया था। पुलिस को गहरा अंदेशा है कि इसी बात से खुन्नस खाकर आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।
थाना प्रभारी का बयान और रहस्यमयी ऑडियो रिकॉर्डिंग
थाना सिटी रामपुरा के एसएचओ इंस्पेक्टर राजपाल सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जाँच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि मंगलवार को आरोपी ने मोहित को किसी बहाने से गाँव मेहराज बुलवाया और सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इसके उपरांत साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को जंगल में मिट्टी से ढँक दिया गया। पुलिस ने मृतक के पिता विजय कुमार के बयानों को दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बीच ठेकेदार के हवाले से एक रहस्यमयी फोन कॉल का मामला भी सामने आया है, जिसमें मंगलवार को मोहित के मोबाइल से ठेकेदार के दूसरे मुंशी को कॉल गई थी, जहाँ पृष्ठभूमि में वह किसी से खुद को छोड़ने की गुहार लगा रहा था। पुलिस इस कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता, आवाज की प्रामाणिकता और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की गहनता से जाँच कर रही है।
स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल और फरार आरोपियों की तलाश
परिजनों के अनुसार मोहित मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे रोज़मर्रा की तरह काम पर निकला था और सुबह सवा ग्यारह बजे उसकी अपने पिता से अंतिम बार बात हुई थी। शाम करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच उसका मोबाइल अचानक बंद आने लगा, जिसके बाद घबराए परिजनों ने उसकी खोजबीन आरंभ की और अंततः उसका शव जंगल से बरामद हुआ। शादीशुदा मोहित अपने पीछे दो वर्ष की मासूम बेटी और परिवार को छोड़ गया है। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें फरार मुख्य आरोपी बलकरण सिंह और उसके फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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