October 6, 2026

महिला पत्रकार उत्पीड़न केस में नया मोड़, विवेक भगत को एडिशनल DCP चार्ज देने का फैसला टला

दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात एक बड़ा और अहम कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ACP) विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) का 'करंट ड्यूटी चार्ज' सौंपने के अपने पिछले निर्णय पर फिलहाल रोक लगा दी है। आरोपी अधिकारी विवेक भगत पर हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न करने का बेहद गंभीर आरोप लगा है।

प्रशासनिक आदेश और सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण

इससे पूर्व दिन के समय दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक आदेश में विवेक भगत समेत कुल 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की घोषणा की गई थी। हालांकि, इस फैसले को लेकर जब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद बढ़ने लगा, तो सरकार ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए यह स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने की यह पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया गत 25 अगस्त को ही शुरू कर दी गई थी, जो कि हालिया घटनाओं से काफी पहले का मामला है। आगामी पाँच अक्टूबर को आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद ही ये आदेश सामने आए थे।

सरकार की तरफ से यह भी साफ किया गया कि 'करंट ड्यूटी चार्ज' देना केवल एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था होती है, जिसके तहत संबंधित अधिकारी को न तो कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलता है और न ही वे उस नियमित पद पर आसीन अधिकारियों की सभी वैधानिक शक्तियों का पूरी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

आरोपी अधिकारी ने खुद किया था अतिरिक्त प्रभार न देने का अनुरोध

सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक, विवादों में घिरे एसीपी विवेक भगत ने स्वयं यह लिखित अनुरोध किया है कि जब तक महिला पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न मामले की पूरी निष्पक्ष जाँच संपन्न नहीं हो जाती और वह किसी तार्किक व संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुँच जाती, तब तक उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार न सौंपा जाए। सरकार ने बताया है कि अधिकारी के इसी अनुरोध का सम्मान करते हुए पिछले आदेश में संशोधन किया जा रहा है और शेष 11 अधिकारियों को प्रभार सौंपने के संबंध में एक संशोधित आदेश जल्द ही फिर से जारी किया जाएगा।

क्या है इस पूरे विवाद और घटनाक्रम की पृष्ठभूमि?

गत तीन अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों पर बेहद गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इस संबंध में औपचारिक शिकायतें मिल चुकी हैं, जिन्हें आगे की निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जाँच के लिए क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया गया है।