October 6, 2026

ATM से निकासी ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2.24 लाख करोड़ रुपये निकाले गए; जानें पूरा आंकड़ा

भारतीय अर्थव्यवस्था में एटीएम के माध्यम से नगद (कैश) निकालने की रफ्तार में एक बार फिर से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वर्ष जून के महीने में जहाँ एटीएम से कुल 2.18 लाख करोड़ रुपये निकाले गए थे, वहीं अगस्त 2026 में यह नकद निकासी बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसके साथ ही, देश भर में कुल प्रचलन में मौजूद नकद मुद्रा (करेंसी) में भी इजाफा हुआ है और यह बढ़कर अब 43 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुँच गई है।

एटीएम से नकद निकासी में गिरावट के दौर के बाद अचानक क्यों आई तेजी?

विभिन्न वित्तीय शोध संस्थानों के आंकड़ों के मुताबिक, बैंक शाखाओं और एटीएम दोनों ही जगहों से नगद निकासी के आंकड़ों में सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। चालू वित्त वर्ष की अवधि (अप्रैल से अगस्त 2026) के दौरान बैंक शाखाओं से कुल नकद निकासी औसतन लगभग 7.3 लाख करोड़ रुपये रही है, जबकि बीते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यह मासिक औसत लगभग 7.8 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। हालांकि पिछले कुछ समय से डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के कारण एटीएम से नगद निकासी में एक सुस्ती या गिरावट का रुख देखा जा रहा था, लेकिन पिछले तीन महीनों के आंकड़ों ने इस ट्रेंड को बदलते हुए इसमें फिर से उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंक शाखाओं और एटीएम से निकासी के आंकड़े

आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2026 में एटीएम के जरिए नकद निकासी में उछाल आया और यह बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि जून 2026 में यह आंकड़ा 2.18 लाख करोड़ रुपये था। यदि माह-दर-माह प्रगति देखें तो जून में एटीएम से कैश निकासी 2.18 लाख करोड़ रुपये थी, जो जुलाई में हल्की बढ़त के साथ 2.19 लाख करोड़ रुपये और अगस्त में बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गई। इसी तरह, बैंक शाखाओं से नगद निकासी भी चालू वित्त वर्ष के दौरान औसतन लगभग 5 से 6 लाख करोड़ रुपये के दायरे में स्थिर बनी हुई है।

सिस्टम में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी हुई चलन में

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान बैंकिंग सिस्टम में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी चलन में बनी हुई है। इस बढ़ोतरी के पीछे एक मुख्य कारण अप्रैल 2025 में देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा लागू किया गया वह अहम नियम है, जिसके तहत देश के लगभग 90 प्रतिशत एटीएम में 100 रुपये और 200 रुपये जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई थी। इस नए बदलाव के लागू होने के बाद से आम जनता द्वारा एटीएम से 100 और 200 रुपये के छोटे नोटों की निकासी भी बहुत बड़े पैमाने पर की जा रही है।