August 26, 2026

अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, उम्रकैद को दी चुनौती

नई दिल्ली:खुफिया ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पूर्व आप (आम आदमी पार्टी) पार्षद ताहिर हुसैन ने अपनी सजा और उम्रकैद के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में औपचारिक अपील दायर की है। इस महत्वपूर्ण अपील पर अदालत में अगले सप्ताह सुनवाई किए जाने की पूरी संभावना है।

कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला और दोषी

इससे पहले कड़कड़डूमा अदालत ने बीते 31 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत चार अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें 13 जुलाई को इस अपराध के लिए दोषी करार दिया था। इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नजीर, आसिम, जावेद और अनास कुल पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या वर्ष 2020 के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों के वक्त दयाल पुर इलाके में हुई थी, जिनका क्षत-विक्षत शव बाद में एक स्थानीय नाले से बरामद किया गया था।

क्या था पूरा मामला

वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थकों और इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच उपजे तनाव के बाद, 24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भीषण सांप्रदायिक झड़पें भड़क उठी थीं। इन दंगों में कम से कम 53 लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी हिंसक माहौल के दौरान जब आईबी अधिकारी अंकित शर्मा वहां मौजूद भीड़ को शांत कराने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील कर रहे थे, तभी उन्हें जबरन पकड़ लिया गया। इसके बाद उनकी हत्या कर शव को एक नाले में फेंक दिया गया था।

कौन हैं ताहिर हुसैन

ताहिर हुसैन ने वर्ष 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर निगम पार्षद का पद हासिल किया था। मूल रूप से वह उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पौरारा गांव के रहने वाले हैं और अपने पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। वर्ष 2017 के अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने करीब 18 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। हालांकि, वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में संलिप्तता सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया था।