August 24, 2026

ECI पर बरसे चिदंबरम, 10 करोड़ भारतीयों के वोटिंग अधिकार को लेकर जताई चिंता

नई दिल्ली। मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चिदंबरम ने दावा किया कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया के कारण देश की करीब 10 प्रतिशत वयस्क आबादी यानी लगभग 10 करोड़ भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी के उस अनुभव के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पंजाब में प्रक्रिया के दौरान आ रही प्रशासनिक दिक्कतों का जिक्र किया था।

'नॉन-वोटिंग सिटिजन' की नई श्रेणी का खतरा

पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी की सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए पी. चिदंबरम ने कहा कि मौजूदा SIR प्रक्रिया के नतीजों से देश में 'नॉन-वोटिंग सिटिजन' (ऐसे नागरिक जिनके पास वोट देने का अधिकार न हो) की एक नई श्रेणी खड़ी हो सकती है। उन्होंने अंदेशा जताया कि इस जटिल प्रक्रिया के कारण लगभग 10 करोड़ वैध नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।

पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी का अनुभव

भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सूरी ने सोशल मीडिया मंच X पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया था कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को वोटर आईडी और पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा। बाद में उन्हें पता चला कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके विवरण मेल नहीं खा रहे थे, क्योंकि उस दौरान वे लंदन में तैनात थे और पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाए थे।