August 18, 2026

निकाय-पंचायत चुनाव में टिकट बंटवारे पर गहलोत का बड़ा बयान, बोले- सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिले मौका

जयपुर: राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी बीच, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों को टिकट वितरण को लेकर दो टूक नसीहत दी है। गहलोत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव में उम्मीदवारों का चयन किसी नेता की व्यक्तिगत सिफारिश के आधार पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए, बल्कि केवल स्थानीय समीकरणों और उनकी जीत की प्रबल संभावना (मेरिट) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि यदि वह खुद भी किसी उम्मीदवार की सिफारिश करें, तो भी केवल उस आधार पर उसे टिकट नहीं मिलना चाहिए।

पर्यवेक्षकों को मिलें पूरे अधिकार, युवाओं को मिले 50% हिस्सेदारी

राजधानी जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने दावा किया कि वर्तमान में राजस्थान का राजनीतिक माहौल कांग्रेस के पक्ष में है और जनता मौजूदा सरकार की कार्यशैली से नाराज है। यदि पार्टी ने समझदारी दिखाते हुए सही और पारदर्शी तरीके से टिकट वितरण किया, तो आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस पार्टी शानदार प्रदर्शन कर सकती है।

गहलोत ने सुझाव दिया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को चुनाव के लिए जिलों में भेजे जाने वाले पर्यवेक्षकों को पर्याप्त और स्वतंत्र अधिकार देने चाहिए। टिकट का फैसला क्षेत्रीय परिस्थितियों, कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ और संबंधित व्यक्ति की जीत की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने निकाय और पंचायत चुनावों में लगभग 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने की जोरदार पैरवी की। उनका कहना था कि राजनीति में नई पीढ़ी को आगे लाने और उनकी ऊर्जा का उपयोग करने के लिए युवाओं को टिकटों में उचित हिस्सेदारी मिलना बेहद जरूरी है।

वंदे मातरम विवाद और बीजेपी पर तीखा हमला

हाल ही में 'वंदे मातरम' को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से कांग्रेस पार्टी का ऐतिहासिक और लगभग 90 साल पुराना जुड़ाव रहा है, और कांग्रेस हमेशा से अपने कार्यक्रमों में इसका सम्मान करती आई है।

आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी के कई दशकों तक अपने कार्यालयों पर तिरंगा झंडा तक नहीं फहराते थे, वे आज कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रवाद और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सोनिया गांधी को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी ने भारतीय संस्कृति और राजनीतिक परंपराओं को आत्मसात करते हुए देश के लिए हमेशा समर्पित भाव से काम किया है।

पूर्ववर्ती सरकार के कार्य गिनाए और स्कूलों में मीडिया पाबंदी का विरोध

अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए पूर्व सीएम ने पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में विकास के बड़े काम ठप पड़े हैं और जनता परेशान हो रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पिछली सरकार के समय लगभग 12 लाख पट्टे बांटे गए थे और शहरी इलाकों में रोजगार गारंटी योजना शुरू की गई थी, जिसे मौजूदा सरकार ने कमजोर कर दिया है।

अंत में, सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले नए दिशा-निर्देशों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गहलोत ने सरकार से इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी के बुनियादी अधिकार हैं, और स्कूलों की व्यवस्थाओं पर इस तरह के प्रतिबंध लगाना पूरी तरह अनुचित है।