महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित निचलौल-झूलनीपुर मुख्य मार्ग इन दिनों भीषण प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। मार्ग के दोनों तरफ अत्यधिक मात्रा में उगी झाड़ियों और खरपतवारों के कारण सड़क की चौड़ाई सिमट कर पगडंडी जैसी रह गई है। मुख्य रास्ते पर झाड़ियों का फैलाव होने से वाहन चालकों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
दृश्यता प्रभावित होने से दुर्घटनाओं की बढ़ी आशंका
सड़क के दोनों किनारों पर उगी घनी झाड़ियों ने वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए बनी सफेद पट्टियों को पूरी तरह ढक दिया है। इसके चलते विशेष रूप से रात्रि के समय चालकों को सड़क के किनारों का सटीक अनुमान लगाने में बेहद परेशानी हो रही है। सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और स्थानीय निवासियों ने समय रहते कटाई व सफाई न होने पर स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी है।
धार्मिक यात्रा और श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा
इस मार्ग का महत्व इटहिया पंचमुखी शिव मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख रास्ते के रूप में भी बहुत अधिक है। पवित्र सावन माह के दौरान दैनिक आधार पर हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन हेतु इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। श्रद्धालुओं और वाहनों की अतिरिक्त संख्या के कारण संकरे हो चुके रास्ते पर सामने से आने वाली गाड़ियों को जगह न मिलने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और त्वरित सफाई की मांग
आवागमन में हो रही निरंतर कठिनाइयों को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से मार्ग की तत्काल सफाई कराने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क के किनारों की झाड़ियों की समय से छंटाई कराई जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित राह मिल सके और संभावित हादसों पर लगाम लगाई जा सके।

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