लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से हाल ही में निष्कासित किए गए उत्तर प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' ने पार्टी से निकाले जाने के बाद शनिवार को पहली बार मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी। अंटू मिश्रा ने भावुक अंदाज में कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती उनकी बड़ी बहन जैसी हैं और उनके साथ यह पारिवारिक रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख का जो भी फैसला है, वह उन्हें पूरी तरह स्वीकार है, हालांकि उन्होंने ऐसा कोई भी कृत्य नहीं किया था जिसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जा सके।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, "पार्टी के स्थानीय कोऑर्डिनेटर्स मुझे कभी भी आधिकारिक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करते थे। कार्यक्रमों की सूचना मुझे हमेशा काफी देर से या बाद में मिलती थी। मेरा भी अपना राजनीतिक सम्मान है, ऐसे में बिना बुलाए किसी के कार्यक्रम में कैसे जाया जा सकता है?" इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लगातार बसपा के कार्यकर्ताओं की मदद कर रहे थे और समाज के हर वर्ग विशेषकर ब्राह्मण समाज को पार्टी के साथ जोड़ने का काम पूरी निष्ठा से कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बसपा ने उन्हें राजनीतिक जीवन में बहुत कुछ दिया है और पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता उनके लिए हमेशा देवतुल्य रहेगा।
'अब पार्टी में वापसी के लिए कोई प्रयास नहीं करूंगा'
निष्कासन के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब होते हुए अंटू मिश्रा ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपने छात्र जीवन से लेकर अब तक उनका लगभग 40 वर्षों का लंबा राजनीतिक सफर रहा है, जिसमें से पिछले 23 वर्षों से वह लगातार बहुजन समाज पार्टी के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े रहे हैं। मैंने हमेशा अपनी क्षमता से बढ़कर पार्टी के लिए दिन-रात काम किया है। मुझ पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, मैं उन पर फिलहाल कोई और टिप्पणी नहीं करना चाहता हूँ। अब मैं अपने समाज के लोगों और बसपा से जुड़े पुराने साथियों के पास जाऊंगा, उनकी रायशुमारी लूंगा और उसके बाद ही अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति तय करूंगा। मौजूदा समय में राजनीति बहुत तेजी से बदल रही है, इसलिए देश और क्षेत्र की परिस्थितियों के मुताबिक ही कोई नया फैसला लिया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि अब वह किसी भी कीमत पर पार्टी में दोबारा वापसी का कोई प्रयास नहीं करेंगे।
पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कड़े आरोपों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस बात की आधिकारिक जानकारी खुद मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से सार्वजनिक की थी।
पार्टी की ओर से जारी किए गए औपचारिक बयान में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती बीएसपी सरकार में मंत्री रहे अनन्त कुमार मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। पार्टी प्रमुख ने यह भी कहा था कि मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के भीतर राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है, इसलिए पार्टी के सभी स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विरोधियों के हरसंभव साम, दाम, दण्ड और भेद जैसे हथकंडों से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा आम चुनावों में बीएसपी के मूल अंबेडकरवादी मिशन को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ सफल बनाने में जुट जाने का कड़ा संदेश भी दिया था।

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