कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आतंकी और आपराधिक नेटवर्क के एक बड़े जाल को ध्वस्त कर दिया है। यह गिरोह राज्य के प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों को ब्लैकमेल करने और उनके अपहरण की फिराक में था। पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध सहयोगी हमीम मंडल के प्रमुख मददगार आदित्य सिंह उर्फ राज को हावड़ा के बेलिलियस रोड स्थित ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है। आदित्य सिंह इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट में 'लोकल जासूस' की भूमिका निभा रहा था और भाजपा नेता व राज्य मंत्री उमेश राय तथा उनके परिजनों की गतिविधियों की निरंतर रेकी कर मुख्य आरोपी तक संवेदनशील जानकारियां पहुंचा रहा था।
हनीट्रैप, ब्लैकमेल और किडनैपिंग के जरिए करोड़ों की उगाही की थी खौफनाक योजना
जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट का मास्टरप्लान बेहद खतरनाक था। विदेश में बैठे आकाओं के इशारे पर यह गिरोह प्रभावशाली व्यक्तियों, नेताओं और उनके परिजनों को निशाना बनाता था। मॉडल अर्पिता सरकार जैसी सहयोगियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर 'हनीट्रैप' का जाल बिछाकर लोगों को ब्लैकमेल किया जाता था। यदि ब्लैकमेलिंग के जरिए वित्तीय लाभ नहीं मिलता, तो लक्षित व्यक्तियों का अपहरण करके मोटी रकम वसूलने की पूरी योजना तैयार की गई थी। मंत्री उमेश राय को हाल ही में मिले धमकी भरे कॉल के तार भी इसी आरोपी से जुड़े होने की बात उजागर हुई है।
बर्धमान और साहिबगंज में हुई गिरफ्तारियों के बाद खुला पूरी साजिश का धागा
एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई के चलते इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां एक-एक कर बेनकाब हुईं। जांच एजेंसी ने सबसे पहले मुख्य आरोपी हमीम मंडल को बर्धमान शहर से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। हिरासत के दौरान दोनों आरोपियों से की गई कड़ाई से पूछताछ के आधार पर आदित्य सिंह का सुराग मिला। इसके पश्चात एसटीएफ की विशेष टीम ने हावड़ा में देर रात छापेमारी की और मैराथन पूछताछ के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से जुड़े तार, संवेदनशील दस्तावेज मिलने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
जांच अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह केवल एक स्थानीय आपराधिक गिरोह नहीं, बल्कि पाकिस्तान संचालित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' का एक सक्रिय मॉड्यूल था। मुख्य आरोपी के पास से अति-संवेदनशील व गोपनीय सुरक्षा दस्तावेज बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और संबंधित नेताओं तथा वीआईपी हस्तियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोश चेहरों और विदेशी कनेक्शनों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

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