चूरू। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल रविवार देर रात जिले के तालछापर कस्बे में आयोजित एक जनसभा और पार्टी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उस समय अचानक असहज स्थिति पैदा हो गई जब बेनीवाल के संबोधन के बीच सामने उपस्थित कुछ युवक लगातार नारेबाजी और शोर-शराबा करने लगे। सांसद द्वारा बार-बार शांत रहने की अपील और हिदायत दिए जाने के बाद भी जब व्यवधान समाप्त नहीं हुआ, तो उन्होंने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए अपना भाषण अधूरा ही छोड़ दिया। बेनीवाल ने नाराजगी में मंच पर माइक रख दिया और सीधे कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जिससे वहां मौजूद आयोजक और समर्थक स्तब्ध रह गए।
अनुशासनहीनता पर बिफरे सांसद, समर्थकों और आयोजकों को लगाई कड़ी फटकार
मंच से जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद बेनीवाल जब अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साध रहे थे, तभी सामने बैठे कुछ युवाओं ने बार-बार हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता को अपने नेताओं और कार्यक्रमों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। बेनीवाल ने कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से केवल दूसरों का समय नष्ट होता है। जब स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका तो उन्होंने आयोजकों से सवाल किया कि ऐसे अनुशासनहीन तत्वों को अग्रिम पंक्तियों में स्थान क्यों दिया गया और क्या उन्हें किसी विरोधी साजिश के तहत माहौल बिगाड़ने भेजा गया है।
चूरू जिले की राजनीति का जिक्र कर जताया दुख, कहा- जनता के संघर्ष में हमेशा दिया साथ
अपने संबोधन के अंतिम क्षणों में हनुमान बेनीवाल ने चूरू क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास और अपने संघर्षों का भावुक उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के निवासियों के हक और न्याय की लड़ाई लड़ने के कारण पूरे प्रदेश में उनके राजनीतिक विरोधी बढ़ गए। बेनीवाल ने टिप्पणी की कि जब स्थानीय लोगों पर संकट आया, तब वे हर समय साथ खड़े रहे, जबकि अन्य बड़े नेता अपने स्वार्थ के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों में शामिल होकर सुरक्षित हो गए। उन्होंने गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि वे हमेशा जनता के दुखों को दूर करने के लिए आधी रात तक तत्पर रहे, लेकिन इस प्रकार का व्यवहार निराशाजनक है।
मंच छोड़ने से उपद्रवियों में हड़कंप, आयोजकों ने स्थिति को संभालने का किया असफल प्रयास
सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा भाषण रोककर अचानक चले जाने के बाद तालछापर स्थित कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय आयोजकों ने उन्हें मनाने और रोककर वापस मंच पर लाने की काफी कोशिश की, लेकिन बेनीवाल अपनी गाड़ी में बैठकर प्रस्थान कर गए। इस घटनाक्रम के बाद RLP कार्यकर्ताओं में भारी मायूसी देखी गई, वहीं स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस पूरे वाकये का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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