सिगरेट के पैसों को लेकर खूनी विवाद, आरोपियों के अवैध मकान पर प्रशासन की कार्रवाई

बूंदी: राजस्थान के बूंदी जिले में नैनवा रोड पर उधार की सिगरेट के मामूली विवाद में हुई चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना के बाद सोमवार को प्रशासन का जबरदस्त चाबुक चला है। पुलिस, वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जनता कॉलोनी क्षेत्र में मुख्य आरोपी रविशंकर उर्फ भट्टा तथा विशाल मेघवाल द्वारा वन भूमि पर निर्मित अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

बुलडोजर के साथ दल-बल लेकर पहुँचा प्रशासनिक अमला

सोमवार तड़के ही प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर और आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर जमा हो गए। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व विद्युत विभाग की टीम ने मकानों के बिजली कनेक्शन काटे तथा भीतर रखे सामान को सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके उपरांत प्रशासनिक दल ने बिना समय गंवाए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों के अवैध निर्माणों को मलबे में तब्दील कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के सभी रास्तों को बैरिकेडिंग कर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

पूर्व में नोटिस जारी करने के बाद नियमानुसार हुई सख्त कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रामगढ़ टाइगर रिजर्व की जांच में यह बात साबित हुई थी कि दोनों मकान वन विभाग की आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए थे। इस संदर्भ में आरोपियों को पूर्व में ही नियमानुसार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने की समय-सीमा दी गई थी। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण न हटाए जाने के कारण जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से यह दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई है।

कार्रवाई के दौरान परिजनों का विलाप और अधिकारियों से गुहार

ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भावुक और तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला। आरोपी की बहन प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष हाथ जोड़कर रोते-बिलखते हुए मकान न गिराने की गुहार लगाती रही, लेकिन कानून-व्यवस्था और सरकारी आदेशों के पालन में अधिकारियों ने निष्पक्षता से अपनी कार्रवाई जारी रखी। मौके पर तहसील प्रशासन, वन मंडल अधिकारी और आधा दर्जन से अधिक थानों का अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आपराधिक पृष्ठभूमि और चाकूबाजी की घटना का पूरा ब्योरा

उल्लेखनीय है कि बीते 11 जुलाई को नैनवा रोड स्थित एक केबिन संचालक बहादुर मीणा पर आरोपियों ने उधार में सिगरेट न देने पर जानलेवा चाकूबाजी की थी, जिसमें पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं के खिलाफ यह कड़ा रुख आगे भी जारी रहेगा।