भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के दूसरे दिन 'समान नागरिक संहिता' (यूसीसी) के मुद्दे पर राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया और सदन से लेकर बाहर तक जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में विपक्षी दल कांग्रेस के सभी विधायकों ने विधानसभा परिसर के भीतर ही यूसीसी के प्रस्ताव और नीतियों के खिलाफ एक जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के बागी तेवर नजर आए और विधायकों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर जनता के वास्तविक और बुनियादी सरोकारों से पूरी तरह ध्यान भटकाने का गंभीर आरोप लगाते हुए मौजूदा सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर जड़े तीखे आरोप
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर हमला बोला और कहा कि यह सरकार प्रदेश की सवा करोड़ जनता की गंभीर समस्याओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन बन चुकी है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है, प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है, महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार ऊंचाई छू रहा है तथा राज्य में भ्रष्टाचार व घोटालों की लंबी फेहरिस्त सामने आ रही है। इसके बावजूद सरकार इन ज्वलंत और जरूरी मुद्दों पर सदन के भीतर खुली चर्चा करने से लगातार कतरा रही है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर यूसीसी, हिंदू-मुस्लिम और अन्य विवादास्पद विषयों को हवा देकर आम जनता का ध्यान असली विफलताओं से भटकाने का नापाक प्रयास कर रही है।
'अपनी शासन की विफलताओं को छिपाना चाहती है सरकार'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि वास्तव में भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हितों के प्रति जरा भी गंभीर है, तो उसे सबसे पहले किसानों की बदहाली, बेरोजगार युवाओं के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा, बदहाल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तथा आसमान छूती महंगाई जैसे मूल मुद्दों पर सदन के पटल पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी जैसे संवेदनशील विषयों को इस तरह जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के पीछे एकमात्र मकसद शासन स्तर पर हुई अपनी भारी विफलताओं पर पर्दा डालना है। कांग्रेस विधायक दल ने पूरी स्पष्टता के साथ यह ऐलान किया है कि उनकी पार्टी विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर आम जनता के हक और हितों से जुड़े इन तमाम मुद्दों को पूरी ताकत के साथ उठाती रहेगी।
जनता के अधिकारों और बेहतर व्यवस्था के लिए संघर्ष रहेगा जारी
कांग्रेस पार्टी की ओर से यह दोटूक संदेश दिया गया है कि मध्य प्रदेश की भोली-भाली जनता के संवैधानिक अधिकारों, किसानों के वास्तविक हितों, युवाओं के रोजगार के अवसरों, महिलाओं की पूर्ण सुरक्षा और राज्य में बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए उनका यह राजनीतिक व सामाजिक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार से पुरजोर मांग की है कि वह जनता से जुड़े मूल और जरूरी मुद्दों पर सदन में जवाब दे तथा यूसीसी जैसे विषयों के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण की ओछी राजनीति करने से परहेज करे।

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