सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर कांग्रेस हमलावर, मीनाक्षी नटराजन ने उठाए सवाल

जबलपुर: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन मंगलवार 21 जुलाई को राज्यसभा चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने जबलपुर पहुंचीं। रेल मार्ग से शहर पहुंचने पर नगर कांग्रेस कमेटी जबलपुर के अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से हुई अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने देश के विभिन्न समसामयिक और संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बात रखी।

छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय, सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर केंद्र को घेरा

पूर्व सांसद ने नीट परीक्षा आंदोलन के दौरान विरोध दर्ज करा रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए इसे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला अध्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और नागरिकों पर बल प्रयोग करना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र में कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने और शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर की गई कार्रवाई की भी तीखी आलोचना की।

अभ्यर्थियों की आत्महत्या की घटनाओं पर जताया गहरा दुख, संसद मार्च को बताया युवाओं के आक्रोश का पड़ाव

नीट परीक्षा से उपजे विवादों और इसके कारण कई अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदमों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संसद मार्च देश के पीड़ित और आक्रोशित युवाओं के संघर्ष का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होगा, जो सरकार को अपनी नीतियों पर विचार करने के लिए मजबूर करेगा।

लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प, विरोध करने वालों को देशद्रोही बताने का लगाया आरोप

किसान आंदोलन, सीएए विरोधी प्रदर्शनों और भारत जोड़ो यात्रा का संदर्भ देते हुए पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अपनी नीतियों का विरोध करने वाले हर नागरिक और संगठन को देशद्रोही बताकर उनकी आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह वैचारिक और नीतिगत लड़ाई देश के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार की तानाशाही नीतियों के विरुद्ध है, और युवाओं का यह लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा क्योंकि अब सरकार की असलियत जनता के सामने आ चुकी है।