नए चेहरों के साथ योगी कैबिनेट की पहली मीटिंग, पिछड़ा वर्ग आयोग को मिल सकती है मंजूरी

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर सरगर्मियां तेज हैं, क्योंकि इसमें ग्रामीण निकायों से जुड़े एक बड़े आयोग के गठन को मंजूरी दी जा सकती है।

पिछड़ा वर्ग आयोग का होगा गठन, बढ़ेगी सियासी हलचल

आगामी पंचायत चुनावों के टलने की लगातार चल रही अटकलों के बीच, इस कैबिनेट बैठक में 'राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस आयोग के गठन को हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है और चुनावी समीकरणों को लेकर सियासी हलचल और तेज होने के आसार हैं।

चिकित्सा छात्रों के भत्ते में वृद्धि और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र की नई नियमावली

कैबिनेट बैठक के एजेंडे में जनसुविधा और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई और प्रस्ताव भी शामिल हैं। इसके तहत प्रदेश में 'जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नियमावली 2026' को मंजूरी देने का प्रस्ताव लाया जाएगा। साथ ही, पशु चिकित्सा (veterinary) के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ सकती है। सरकार उनके इंटर्नशिप भत्ते को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर (संशोधित दर के अनुसार) करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा सकती है, जिससे छात्रों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, मेट्रो प्रोजेक्ट और नई यूनिवर्सिटी को मंजूरी

स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बड़े बुनियादी ढांचे के प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इनमें लखनऊ के शहीद पथ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 1010 बिस्तरों (बेड) वाले अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशिएलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, एक नए टीचिंग ब्लॉक और नवीन ओपीडी ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर के विस्तार के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के मोर्चे पर, आगरा और लखनऊ में चल रहे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्य को गति देने और मिर्जापुर में निजी क्षेत्र की 'सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) जारी करने के प्रस्तावों को भी इस बैठक में हरी झंडी मिल सकती है।