जालंधर/फरीदकोट: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा के बीच जालंधर और फरीदकोट के कई शिक्षण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। जालंधर के बीएमसी चौक स्थित एपीजे स्कूल सहित करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तुरंत स्कूलों को खाली करवाकर बच्चों को घर भेज दिया। शहर के बीएसएफ चौक के पास हुए हालिया एक्टिवा ब्लास्ट के बाद इस नई धमकी ने पुलिस विभाग और अभिभावकों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। जालंधर की एडीसीपी आकर्षि जैन के अनुसार साइबर सेल की टीम इन ईमेल के स्त्रोत का पता लगाने में जुटी है और सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।
शिक्षण संस्थानों में दहशत और प्रशासनिक सक्रियता
धमकी भरा संदेश मिलते ही जालंधर और फरीदकोट के प्रभावित स्कूलों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। फरीदकोट में सादिक के सरकारी कन्या स्कूल, दशमेश पब्लिक स्कूल और दशमेश डेंटल कॉलेज को भी इसी तरह के ईमेल मिले हैं, जिसके बाद पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर गहन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस और बम निरोधक दस्तों की उपस्थिति ने स्कूलों में एक डर का माहौल पैदा कर दिया, लेकिन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है।
वीवीआईपी सुरक्षा पर मंडराता खतरा और पुलिस की कार्रवाई
इस धमकी भरे ईमेल में केवल स्कूलों को ही निशाना नहीं बनाया गया है बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को कार बम से उड़ाने की सीधी चेतावनी भी दी गई है। मुख्यमंत्री की शुकराना यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है और पूरे इलाके में नाकेबंदी बढ़ा दी गई है। उच्चाधिकारी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके और संदिग्धों की पहचान जल्द से जल्द सुनिश्चित की जा सके।
अभिभावकों में चिंता और सर्च ऑपरेशन के परिणाम
लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण जालंधर और फरीदकोट के अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी तनाव देखा जा रहा है। हालांकि अब तक फरीदकोट और जालंधर के किसी भी संस्थान से कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, फिर भी पुलिस इस पूरे प्रकरण को किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मानकर चल रही है। डीएसपी तरलोचन सिंह ने स्पष्ट किया है कि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी शिक्षण संस्थानों की कड़ी निगरानी जारी रहेगी।

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