September 7, 2026

1893 मुद्दे उठे, 1445 सुलझे; तटीय सुरक्षा पर गृह मंत्रालय का बड़ा फोकस

पणजी: गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के आर्थिक विकास में पश्चिमी क्षेत्र के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोवा ने अपनी भौगोलिक सीमा से परे जाकर उच्च प्रति व्यक्ति आय, उन्नत पर्यटन और खनन उद्योग के बल पर देश की अर्थव्यवस्था में महती भूमिका निभाई है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 की पहली तिमाही में भारत द्वारा हासिल की गई 7.8 प्रतिशत की विकास दर में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों का योगदान सर्वाधिक और निर्णायक रहा है।

सहकारी संघवाद को बढ़ावा और बैठकों की संख्या में तीन गुना वृद्धि

गृह मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2014 के बाद से क्षेत्रीय परिषदों की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व तेजी आई है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच जहां मात्र 25 बैठकें हुई थीं, वहीं 2014 के बाद से अब तक 71 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन मंचों के माध्यम से 1893 महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें से 1445 जटिल मुद्दों का सर्वसम्मति से समाधान निकाला गया। अमित शाह ने बताया कि पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के मध्य अब कोई अंतरराज्यीय विवाद शेष नहीं बचा है, जो एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है।

'वेस्ट इंजन' की अवधारणा और औद्योगिक प्रगति का खाका

अमित शाह ने पश्चिमी क्षेत्र को देश का 'वेस्ट इंजन' करार देते हुए इसके बहुआयामी महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र धन सृजन (वेल्थ), निर्यात व बंदरगाह (एक्सपोर्ट-पोर्ट), स्टार्टअप व सेमीकंडक्टर (एस), तथा पर्यटन व ब्लू इकोनॉमी (टी) में पूरे भारत का नेतृत्व कर रहा है। महाराष्ट्र जहां लगभग 33,872 स्टार्टअप्स के साथ देश में शीर्ष पर है, वहीं गुजरात का धोलेरा सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभरा है। इसके अतिरिक्त, मुंद्रा और दीनदयाल पोर्ट देश के सबसे बड़े कार्गो केंद्र बने हुए हैं तथा मुंबई वैश्विक पूंजी के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

जनहितकारी नीतियों, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इसमें महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध गंभीर अपराधों के शीघ्र निस्तारण हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112), आयुष्मान भारत योजना, प्रत्येक गांव तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच तथा डेटा सेंटर नीति का अधिकतम लाभ उठाने जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा, तटीय सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रीन एनर्जी के विस्तार, पोषण अभियान के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन और साइबर अपराध से निपटने की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

प्रमुख मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों की उपस्थिति

इस उच्चस्तरीय बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल के. पटेल सहित केंद्र व राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी राज्यों ने एक सुर में अंतरराज्यीय समन्वय और जनहित की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।