मायावती के बयान के बाद यूकेश सिंह चर्चा में, पिता की विरासत संभालने के मिले संकेत

लखनऊ| बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के आकस्मिक निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को उनके सुपुत्र प्रिंस उर्फ यूकेश सिंह द्वारा आगे बढ़ाए जाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ने लगी है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पिता के स्वास्थ्य के दिनों से ही प्रिंस सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी थी। वर्तमान में वह विधायक की प्रमुख निर्माण कंपनी 'छात्र शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड' में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

मायावती ने दिया राजनीतिक भविष्य का संकेत

कुछ समय पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ नेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया था कि प्रिंस सिंह आगामी चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ सकते हैं, हालांकि उस समय इस पर प्रिंस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं हाल ही में, राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित दिवंगत विधायक के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रिंस सिंह के राजनीतिक कद और भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया।

मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उमाशंकर सिंह के परिवार के लोग और उनके समर्थक चाहेंगे, तो वह स्वयं प्रिंस को राजनीति में आगे बढ़ाने और हरसंभव सहयोग करने का कार्य करेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का भी यह मानना है कि अब यह लगभग तय हो चुका है कि उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत को उनके बेटे प्रिंस सिंह ही संभालेंगे।

'उमाशंकर बसपा के सच्चे सिपाही और सगे भाई जैसे थे'— मायावती

दिवंगत विधायक के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने मीडिया और परिजनों से बात करते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी के एक बेहद निष्ठावान और सच्चे सिपाही थे। वह मुझे अपनी सगे भाई की तरह मानते थे। उनकी तबीयत खराब होने पर मैं खुद हालचाल जानने गई थी, और जब बाद में वह खुद मेरे घर आ गए तो मैंने उनसे कहा था कि आपको इतनी तकलीफ उठाने की क्या जरूरत थी, मैं खुद आ जाती। उनके निधन से पार्टी को एक ऐसी अपूरणीय क्षति पहुँची है जिसकी भरपाई होना मुश्किल है। उनका पूरा परिवार इस समय गहरे दुख में है, और मैं उनके परिजनों के साथ हमेशा खड़ी हूँ तथा उनका पूरा ध्यान रखूंगी।

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उमाशंकर जब से पार्टी के साथ जुड़े, उन्होंने अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। उन्होंने कभी भी बसपा को धोखा नहीं दिया। वह एक सफल व्यवसायी थे, और पार्टी के बुरे दौर व उतार-चढ़ाव के समय जब कई लोग साथ छोड़कर चले गए, तब भी उन्होंने कभी दामन नहीं छोड़ा। वे हमेशा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राखी बंधवाने आते थे। उन्होंने न सिर्फ पार्टी का, बल्कि अपने क्षेत्र और समाज के हर वर्ग का हमेशा पूरा ख्याल रखा। अब यदि उनका बेटा राजनीति के क्षेत्र में कदम रखना चाहेगा, तो पार्टी और मैं उसे पूरा समर्थन देंगे। उनकी विधानसभा क्षेत्र की जनता भी शायद यही चाहती है।