राजकोट। ‘मुस्कुराइए कि अब आप भारत के नागरिक हैं…’ पाकिस्तान से विस्थापित हुए 319 लोगों को जब गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इन अनमोल शब्दों के साथ भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे, तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। राजकोट के प्रमुख स्वामी ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण समारोह में ऐसा भावुक माहौल देखने को मिला, मानो उनके जीवन में ‘दशहरे से ठीक पहले दिवाली’ आ गई हो। वर्षों तक पड़ोसी देश में असहनीय प्रताड़ना और यातनाएं झेलने के बाद भारत की शरण में आए इन परिवारों के चेहरों पर सुकून और आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ निर्णय से मिला नया जीवन
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वूप आज इन सभी परिवारों के घरों में दीपावली के दीप प्रज्वलित करने का सुअवसर आया है। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित इन परिवारों के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब ये लोग सब कुछ छोड़कर भारत आए थे, तब इन्हें एक नया जीवन मिला था, और आज नागरिकता मिलने से इन्हें आत्मसम्मान से परिपूर्ण एक सुरक्षित और स्थायी भविष्य प्राप्त हुआ है।
उपमुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के थारपारकर और हैदराबाद के रानीबाग जैसी जगहों के कठिन हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की भयावह परिस्थितियों और गोलियों की गूंज के बीच अपनों की जान बचाने के लिए लोगों को अपने नाम तक बदलने पर विवश होना पड़ा था। लेकिन अब ये सभी भारतीय नागरिक जीवनभर अपने मूल नाम और पूरी गरिमा के साथ इस देश में स्वतंत्र रूप से जी सकेंगे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह भी कहा कि पाकिस्तान के पासपोर्ट की तुलना में आज राजकोट के किसी गरबा आयोजन का पास भी कहीं अधिक मूल्यवान है।
राजकोट पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में राजकोट में हुई सोने की लूट और सनसनीखेज हत्या की वारदात का भी संज्ञान लिया। उन्होंने महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को उनके लूटे गए माल सहित धर दबोचने के लिए राजकोट शहर के पुलिस आयुक्त, क्राइम ब्रांच और अन्य जिलों की पुलिस की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि आरोपियों को चौबीस घंटे के भीतर कानून के शिकंजे में लाने के संकल्प के साथ पुलिस की करीब पचास टीमों ने दिन-रात अथक परिश्रम किया। पुलिस की इस मुस्तैदी और तत्परता के कारण जहां एक ओर अपराधी पकड़े गए, वहीं दूसरी ओर शहर में चल रहे नवरात्रि के गरबा आयोजनों पर भी कोई आंच नहीं आई।
विभिन्न जिलों के 319 विस्थापितों को मिली नागरिकता
इस विशेष समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री के करकमलों से कुल 319 विस्थापितों को भारतीय नागरिकता के दस्तावेज प्रदान किए गए। इनमें:
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राजकोट जिला: 259 व्यक्ति
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मोरबी जिला: 53 व्यक्ति
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कच्छ जिला: 6 व्यक्ति
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सुरेन्द्रनगर जिला: 1 व्यक्ति
नागरिकता प्राप्त करने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित एक युवा किशोरी ने गुजरात सरकार और पुलिस के प्रति आभार जताते हुए उपमुख्यमंत्री संघवी के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाया और उनकी कलाई पर स्नेह की राखी बांधी।

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