October 30, 2026

अजय राय को अहम जिम्मेदारी देकर कांग्रेस क्या साधना चाहती है? यूपी की राजनीति में चर्चा तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से पदमुक्त किए जाने के बाद पार्टी से विदाई की अटकलों के बीच कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अजय राय को आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने की योजना बना रहा है। पार्टी आलाकमान की रणनीति उन्हें प्रदेश चुनाव में अग्रिम पंक्ति में रखकर विशेष रूप से पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च जातियों के बीच एक मजबूत राजनीतिक संदेश प्रसारित करने की है। उल्लेखनीय है कि इस माह की शुरुआत में जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया था, तब से ही राजनीतिक गलियारों में उनके भावी कदमों को लेकर भांति-भांति की चर्चाएं गर्म थीं।

प्रदेश चुनावों में अजय राय के लिए बड़ी भूमिका तय करेगा आलाकमान

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अजय राय को प्रदेश नेतृत्व से हटाने के पश्चात अब राष्ट्रीय नेतृत्व उन्हें राज्य के भावी चुनावी समर में विशेष उत्तरदायित्व सौंपने की तैयारी में है। हाल ही में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महिला पार्षद ममता चौधरी और अजय राय के समर्थकों के मध्य हुए तीखे विवाद एवं हंगामे के बाद ऐसी सुगबुगाहट तेज हो गई थी कि वे पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। हालांकि इस अप्रिय घटनाक्रम के बाद अजय राय की केंद्रीय नेताओं के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान आपसी समन्वय और बीच का रास्ता तलाशने पर गहन विचार-विमर्श हुआ है।

गठबंधन वार्ता और प्रत्याशी चयन समिति में स्थान देने पर मंथन

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस आलाकमान अजय राय को न केवल चुनाव प्रचार और रणनीति निर्माण में अहम भूमिका देने पर विचार कर रहा है, बल्कि उनके प्रभाव वाले पूर्वांचल क्षेत्र की सीटों पर पसंदीदा उम्मीदवारों के चयन और संभावित राजनीतिक गठबंधनों की वार्ता प्रक्रिया में शामिल रहने वाली समिति का हिस्सा बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अजय राय के राजनीतिक अनुभव और जनाधार का लाभ उठाकर आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की स्थिति को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।