भीलवाड़ा। भीलवाड़ा शहर को झकझोर कर रख देने वाले बहुचर्चित कमला कांकरिया हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए भीमगंज थाना पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बेहद व्यापक कर दिया है। वारदात की तह तक पहुंचने और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल बने मकान की छत के उस हिस्से को ही उधेड़ दिया जहां वृद्धा के शव को जलाए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस सनसनीखेज मामले में मटन पार्टी के दौरान शव के अवशेषों को खाने में मिला दिए जाने की गंभीर आशंका ने पुलिस और फॉरेंसिक टीम के होश उड़ा दिए हैं, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
छत की मरम्मत और मलबे की तलाश
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपियों रवि और हीरा सिंधी ने कबूल किया था कि 13 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद उन्होंने मकान की पहली मंजिल की खुली छत पर वृद्धा के शव को ठिकाने लगाया था। आग से फर्श पूरी तरह काला पड़ने और उसमें दरारें आने के बाद आरोपियों ने 14 अक्टूबर की सुबह साढ़े सात बजे एक मजदूर राजू को वहां बुलाया था। आरोपियों ने सीमेंट, बजरी और सफेदी मंगवाकर छत की विशेष रूप से मरम्मत करवाई थी। मरम्मत से पहले वहां जमा हुआ सारा मलबा पास ही स्थित पांड़ के नाले में फिंकवा दिया गया था। इसी सुराग के आधार पर थाना प्रभारी सुनील चौधरी की टीम ने गुरुवार दोपहर को बड़ी पुलिया के पास नाले में दो घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें महात्मा गांधी चिकित्सालय के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. अनुपम भंसाली भी मौजूद रहे। हालांकि, नाले के कचरे में फिलहाल कोई ठोस संदिग्ध अवशेष हाथ नहीं लगा है।
मजदूर की गवाही और प्रॉपर्टी हड़पने का काला चिट्ठा
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मजदूर राजू को मौके पर लाकर पूरे घटनाक्रम की तस्दीक करवाई। मजदूर ने बताया कि आरोपियों ने उसे पांच सौ रुपये की मजदूरी का झांसा देकर काम पर लगाया था, लेकिन बाद में उसे मेहनताना तक नहीं दिया गया। पुलिस और एफएसएल टीम ने मकान की छत पर पहुंचकर उस हिस्से की भी गहराई से खुदाई की जहां मरम्मत की गई थी। इस बीच पुलिस की तफ्तीश में मुख्य आरोपी रवि तापड़िया के कई अवैध कारनामों का पर्दाफाश हुआ है। सामने आया है कि रवि ने शहर में कई संपत्तियों और मकानों पर जबरन कब्जे कर रखे हैं, जिनमें वारदात वाला यह मकान भी शामिल है जो मूल रूप से उसके दोस्त मनीष का है। रवि द्वारा धोखाधड़ी कर मकान हड़प लिए जाने के बाद पीड़ित मनीष ब्यावर चला गया और अब न्याय के लिए अदालतों के चक्कर काटने को विवश है।
घटनास्थल पर पुलिस चौकी स्थापित और तेज हुई दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर घटनास्थल वाले मकान में ही एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है। थाना प्रभारी सुनील चौधरी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की विशेष टीम चौबीस घंटे इस ब्लाइंड मर्डर केस की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। मृतका की बहू और वादी रवीना को भी मौके पर लाकर तस्दीक कराई गई है। पुलिस अब आरोपियों के सिंडिकेट और अन्य आपराधिक वारिसों की कुंडली खंगाल रही है ताकि इस जघन्य हत्याकांड से जुड़े हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।

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