भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य में आगामी जनगणना प्रक्रिया के दूसरे चरण के अंतर्गत वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों यानी जनवरी और फरवरी के दौरान व्यापक स्तर पर जनसंख्या की आधिकारिक गणना का कार्य संपन्न कराया जाएगा। इस अत्यंत महत्वपूर्ण एवं वृहद राष्ट्रीय कार्य को सुचारु रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेशभर में लगभग दो लाख प्रशिक्षित प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। जनगणना से जुड़े इस कार्य के लिए आवश्यक मैदानी अमले और कर्मचारियों की व्यवस्था विभिन्न शासकीय विभागों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी व्यवधान के पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के उद्देश्य से जनवरी से मार्च 2027 तक राज्य के शासकीय कर्मचारियों के तबादलों और स्थानांतरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही इस निर्धारित अवधि के दौरान प्रशासनिक सीमाओं में भी किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए आवश्यक निर्देश और प्रशासनिक तैयारी
राज्य के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि आगामी जनगणना के इस राष्ट्रीय कार्य को ध्यान में रखते हुए ही शैक्षणिक सत्र की परीक्षाओं का संपूर्ण कार्यक्रम तैयार किया जाए, ताकि जनगणना और विद्यार्थियों की परीक्षाएं दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।
कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण और विद्यार्थियों की सहभागिता
प्रशासनिक स्तर पर जनगणना की तैयारियों को पुख्ता करने के वास्ते मुख्य सचिव ने ड्यूटी पर तैनात होने वाले सभी कर्मचारियों को उच्च श्रेणी का प्रशिक्षण देने तथा आम नागरिकों तक सही एवं सटीक जानकारी पहुँचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (iGOT) प्लेटफॉर्म पर एक विशेष और संक्षिप्त डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें कार्यप्रणाली समझने में आसानी हो। इसके अतिरिक्त महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी स्व-गणना पत्रक भरने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश बैठक में दिए गए।
डिजिटल माध्यमों और लोक कला के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार
आम जनमानस को जनगणना के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज कराने के लिए आधुनिक डिजिटल माध्यमों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्व-गणना पत्रक भरने की संपूर्ण प्रक्रिया को सहजता से समझाने वाले छोटे और आकर्षक वीडियो तैयार कर प्रसारित किए जाएंगे। इसके अलावा पारंपरिक तरीकों जैसे लोक कला पथक दलों, झांकियों, रैलियों तथा स्थानीय लोक कलाकारों के माध्यम से भी जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा। जन-जागरूकता के इस अभियान में सिनेमाघरों, रेडियो, टेलीविजन और सोशल मीडिया जैसे सभी प्रभावी माध्यमों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए डिजिटल डेटा संग्रहण
बैठक के दौरान राज्य के जनगणना निदेशक संजीव श्रीवास्तव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार की जनगणना में आंकड़ों के संकलन के लिए आधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्य में तीव्र गति और पारदर्शिता आएगी। वहीं दूसरी ओर, जनगणना से संबंधित तमाम प्रशासनिक गतिविधियों, निगरानी और प्रबंधन के कार्यों के लिए एक विशेष वेब पोर्टल की मदद ली जाएगी। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पर उच्च स्तर से सतत नजर रखने तथा समस्त कार्यों को पूरी तरह व्यवस्थित और त्रुटिरहित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

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