मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले निराशाजनक संकेतों और चौतरफा बिकवाली के भारी दबाव के कारण गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी दोनों ही लाल निशान के साथ खुले और दिन भर नुकसान के साथ कारोबार करते रहे। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल तथा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के दोहरे दबाव ने निवेशकों की धारणा को पूरी तरह प्रभावित किया, जिससे बाजार में हर तरफ लाल निशान हावी रहा।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स, निफ्टी और रुपये में बड़ी गिरावट
कारोबारी सत्र के प्रारंभ में ही बिकवाली का दौर देखने को मिला, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स 642.51 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 73,067.18 के स्तर पर आ गया। इसी तरह एनएससी निफ्टी भी 241.35 अंक फिसलकर 22,570.90 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। घरेलू शेयर बाजार में आई इस चौतरफा बिकवाली का असर भारतीय मुद्रा पर भी स्पष्ट रूप से पड़ा और शुरुआती सत्र में ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे कमजोर होकर 94.50 के स्तर पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में उछाल और वैश्विक संकेत
वैश्विक कमोडिटी बाजार में अचानक आई तेजी ने भारतीय शेयर बाजार का गणित पूरी तरह से बिगाड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड 1.55 प्रतिशत बढ़कर 110.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल भी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.34 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज किया गया। उधर अमेरिकी वायदा बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में बढ़त रही, वहीं डाउ जोन्स फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई।
विभिन्न सेक्टर्स की स्थिति और दबाव में रहे प्रमुख शेयर
बाजार में आई इस भारी बिकवाली की गाज लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स पर गिरी। विशेष रूप से निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1.82 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में 1.76 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसके साथ ही रियल्टी, एफएमसीजी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर भी एक प्रतिशत से अधिक टूट गए। सेंसेक्स में शामिल पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया। हालांकि, आईटी क्षेत्र ने विपरीत परिस्थितियों में भी काफी हद तक मजबूती दिखाई, जिससे आईटी इंडेक्स लगभग स्थिर बना रहा।

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