काहिरा। यमन के उत्तरी क्षेत्र स्थित अल-जौफ प्रांत के हज्म शहर में बने सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी (जेल) की इमारत पर सोमवार को हमला हुआ। इस घटना में एक बच्चे समेत कम से कम सात लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला सहित सात अन्य लोग घायल हुए हैं। हूती विद्रोहियों ने इस हमले का आरोप सऊदी अरब पर लगाया है। जेल वार्डन के अनुसार, इमारत का एक हिस्सा ढहने से लगभग 35 कैदी और परिजनों से मिलने आई एक महिला मलबे में फंस गए थे।
सऊदी अरब पर आक्रामकता का आरोप
हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबही और सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। उनका दावा है कि वहां हवाई हमला किया गया और निगरानी ड्रोन तैनात किए गए। हूती प्रवक्ताओं का कहना है कि यमन के खिलाफ इस तरह की आक्रामकता का माकूल जवाब दिया जाएगा। दूसरी ओर, सऊदी अरब के मीडिया मंत्रालय ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।
निगरानी ड्रोन गिराने का दावा और बढ़ता सैन्य तनाव
घटना के बाद हूती सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि बीते 24 घंटों के भीतर अल-बायदा प्रांत सहित विभिन्न इलाकों में सऊदी अरब के चार निगरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकारी सेनाएं भी अल-जौफ, अल-बायदा, धाले और मारिब प्रांतों के विभिन्न मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
यमन की जेलों पर पहले हुए बड़े हमले
यमन में हिरासत केंद्रों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2022 में उत्तरी सादा प्रांत के एक हिरासत केंद्र पर हुए हमले में लगभग 87 कैदियों की मौत हुई थी और 266 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, सितंबर 2019 में दक्षिण-पश्चिमी धमर प्रांत में हूतियों द्वारा संचालित एक हिरासत केंद्र को निशाना बनाया गया था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
गृहयुद्ध का इतिहास और मौजूदा परिस्थितियां
यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने अपने उत्तरी गढ़ से निकलकर राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार को सना छोड़कर पहले दक्षिणी शहर अदन और फिर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार को बहाल करने के लिए सैन्य हस्तक्षेप किया। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस लंबे संघर्ष में अब तक 1.5 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 2022 से चला आ रहा युद्धविराम अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

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