वाशिंगटन | अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में एक संदिग्ध नौका को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई में तीन संदिग्ध तस्करों की मौत हो गई। यह इस सप्ताह के भीतर अमेरिकी सेना द्वारा किया गया तीसरा बड़ा हमला है। इस ताजा कार्रवाई के बाद, सितंबर से जारी इस विशेष अभियान में मरने वालों की कुल संख्या 200 के पार पहुंच गई है।
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करों के खिलाफ चल रहे महीनों लंबे अभियान के तहत इस नए हमले की पुष्टि की। सैन्य कमान का दावा है कि इस नौका का इस्तेमाल एक बड़े आतंकवादी संगठन द्वारा ड्रग्स की तस्करी के लिए किया जा रहा था, हालांकि इस दावे के संबंध में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पहली बार सामने आया कार्रवाई का रंगीन वीडियो
अमेरिकी सेना अक्सर अपनी सोशल मीडिया घोषणाओं के साथ सैन्य कार्रवाइयों के वीडियो जारी करती है, लेकिन यह पहला मौका है जब ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय पूरी तरह से रंगीन फुटेज जारी किया गया है। इस वीडियो में समुद्र के बीच एक छोटी नौका दिखाई दे रही है, जो हमले के तुरंत बाद भीषण आग की लपटों में घिर जाती है। इसके बाद नाव को जलते हुए और उसके चारों तरफ पानी में कई संदिग्ध पैकेट व वस्तुएं बिखरी हुई देखी जा सकती हैं।
कार्टेल के खिलाफ अमेरिकी जंग में बढ़ा मौतों का आंकड़ा
इस ताजा हमले के बाद, सितंबर की शुरुआत से अमेरिकी सेना द्वारा शुरू की गई इस आक्रामक मुहिम में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 202 हो गई है। इससे पहले बीते मंगलवार और बुधवार को भी अमेरिकी सेना ने दो अन्य हमलों की जानकारी साझा की थी। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर रखी है कि अमेरिका लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल के साथ सीधे सशस्त्र संघर्ष (जंग) की स्थिति में है, क्योंकि ये कार्टेल अमेरिकी शहरों में नशीले पदार्थों की खेप भेजने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
क्यूबा के सैन्य नेतृत्व से बैठक के बाद एक्शन
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया कि यह कार्रवाई उत्तरी अमेरिका में सर्वोच्च अमेरिकी कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन के आदेश पर की गई। इस हमले से ठीक पहले, शुक्रवार को जनरल डोनोवन ने ग्वांतानामो खाड़ी में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के पास क्यूबा के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और नेताओं के साथ एक अहम बैठक भी की थी।

More Stories
“सिंगापुर में अमेरिका की चीन को सख्त चेतावनी: ‘कोई देश नहीं थोप सकता अपना वर्चस्व’, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत को सराहा”
समझौता बड़ा: निवेश और सुरक्षा दोनों शामिल, जानिए पूरी डील की बातें
यूएस-ईरान शांति समझौता: 60 दिनों के युद्धविराम पर बनी सहमति, लेकिन पेचीदा मुद्दों पर पेंच अभी भी फंसा